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उपेंद्र कुशवाहा को तेजस्वी यादव का ऑफर, महागठबंधन का रास्ता खुला है

तेजस्वी यादव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था।

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tejashwi yadav

उपेंद्र कुशवाहा को तेजस्वी यादव का ऑफर, महागठबंधन का खुला है रास्ता

पटना: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में एनडीए घटक दलों में सीटों को लेकर खींचतान शुरू है। वहीं सियासी गलियारों में हलचल है कि केंद्रीय मंत्री और रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एनडीए से नाराज चल रहे हैं। जिस पर आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया है। दरअसल गुरुवार को एनडीए के रात्रिभोज में केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी नेता उपेंद्र कुशवाहा शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद से कयास लगाए जाने लगे कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी भी सीट को लेकर नाराज है।आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था।

बिहार में एनडीए एकजुट-कुशवाहा

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में फूट पड़ने की आशंकाओं के बीच गुरुवार की रात पटना में आयोजित रात्रिभोज में बिहार के तमात सहयोगी दलों ने हिस्सा लिया। हालांकि इस रात्रि भोज में केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा शामिल नहीं हुए लेकिन साफ कर दिया कि बिहार में एनडीए एकजुट है और आगे रहेगा। बता दें कि गुरुवार की रात्रिभोज के बाद केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रालोसपा के एनडीए से अलग होने की खबरें सिर्फ एक अफवाह है। उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा कि रालोसपा एनडीए के साथ है और आगे रहेगा।

भाजपा ने किया था रात्रिभोज का आयोजन

गौरतलब है कि भाजपा ने गुरुवार की रात एनडीए में शामिल घटक दलों के लिए पटना में 'मित्रता रात्रिभोज’ का आयोजन किया था। इस रात्रिभोज में बिहार के मुख्यमंत्री और जद-यू के अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री व लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान सहित रालोसपा और भाजपा के कई नेताओं ने शिरकत की थी लेकिन रालोसपा के प्रमुख कुशवाहा शामिल नहीं हुए। जिसके बाद से एनडीए के सहयोगी दलों के बीच फूट की अफवाहों को और बल मिल गया।

बता दें कि इससे पहले गुरुवार को रालोसपा के नेता और पूर्व मंत्री नागमणि ने कुशवाहा के नेतृत्व में एनडीए को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की नसीहत देते हुए कहा था कि रालोसपा के पास भाजपा के बाद सबसे बड़ा जनाधार है।