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तेलंगाना विधानसभा नहीं होगी भंग, सीएम चंद्रशेखर राव बोले- दिल्ली के आगे सरेंडर नहीं करेंगे

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि किसी भी कीमत पर दिल्ली की सत्ता के आगे आत्मसमर्पण नहीं करेंगे

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Chandra Prakash Chourasia

Sep 02, 2018

Telangana

तेलंगाना विधानसभा नहीं होगी भंग, सीएम चंद्रशेखर राव बोले- दिल्ली के आगे सरेंडर नहीं करेंगे

नई दिल्ली। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य की विधानसभा को भंग करने के सवालों पर चुप्पी तोड़ी है। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के बैनर तले आयोजित 'निवेदन सभा' रैली में राव ने कहा कि टीआरएस के सदस्यों ने मुझे तेलंगाना के भविष्य निर्माण पर फैसला करने का मौका दिया है। ऐसा कहा जा रहा था कि मैं विधानसभा भंग करना चाहता हूं लेकिन फिलहाल ऐसा कुछ नही हैं। राव ने जब विधानसभा भंग नहीं करने की घोषणा की तब पीले झंडे हाथों लिए और पीले रूमाल बांधे पार्टी कार्यकर्ता जनसभा स्थल पर पहुंचे पार्टी की ताकत दिखा रहे हैं। इस बयान के साथ ही राजनीतिक पंडितों का वो कयास भी धरा का धरा रह गया जिसमें कहा जा रहा था कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले हो सकता है।

दिल्ली के आगे नहीं करेंगे आत्मसमर्पण: राव

चंद्रशेखर राव ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को खुद पर और अपने राज्य के नेताओं पर भरोसा है। वो अपनों के साथ शासन चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम इसी तरह सत्ता बनाए रखेंगे और दिल्ली नेतृत्व को आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने जनता से वादा किया था कि अगले विधानसभा चुनाव से पहले मिशन भागीरथ के तहत हर घर में पीने का पानी पहुंचाऊंगा। मैंने कहा था कि अगर ऐसा नहीं कर पाया तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा। ऐसा कहने की हिम्मत देश में किसी मुख्यमंत्री की नहीं है।

राव कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले

राज्य में सत्तारुढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की विशाल रैली ‘ निवेदन सभा‘ की शुरुआत से पहले के चंद्रशेखर राव मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने अर्चकों (पुजारी) की सेवानिवृति आयु मौजूदा 58 से 65 वर्ष करने, आशा वर्करों की पारिश्रमिक 6000 से बढ़ाकर 7500 रूपए करने और गोपाल मित्र कर्मियों की पारिश्रमिक 3500 रूपये मासिक से 8500 रूपए बढ़ाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट इसके साथ ही हैदराबाद में पिछड़ा वर्ग भवन के निर्माण के लिए 71 एकड़ भूमि और 70 करोड़ रूपए की भी मंजूरी दी है। राज्य सरकार के मंत्री ई राजेन्दर, टी हरीश राव और के श्रीहरि ने बैठक में लिए गए निर्णयों की घोषणा की। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की

पार्टी का दावा- देश में सबसे बड़ी राजनीतिक जनसभा

राज्य के सभी 31 जिलों से पुरुषों और महिलाओं को लेकर बसें, वैन, ट्रैक्टर ट्रॉलियां और कारें रंगा रेड्डी जिले में पड़ने वाले जनसभा में शामिल हैं। हैदराबाद, रंगा रेड्डी और आस-पास के जिलों के हजारों कार्यकर्ताओं को जनसभा स्थल की ओर मोटर साइकिलों से आते देखा गया। मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव पहली बार प्रगति निवेदना (प्रगति रिपोर्ट) जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री प्रदेश मंत्रिमंडल की एक बैठक को संबोधित करने के बाद यहां पहुंचें। पार्टी ने दावा किया है कि जनसभा में 25 लाख लोग पहुंचेंगे, जो देश में किसी भी राजनीतिक पार्टी की जनसभा में अबतक की सर्वाधिक भीड़ होगी।

रैली सफल बनाने में जुटी सरकार

टीआरएस ने जनसभा स्थल की ओर जाने वाली सड़कों और सभी चौराहों को बैनर, झंडों, राव के कट-आउट, बिल बोर्ड, गुब्बारों और वंदनवारों से पाटकर शहर को गुलाबी रंग में रंग दिया है। आधिकारियों ने कहा कि लोगों को जनसभा स्थल तक ले जाने के लिए राज्य सरकार की तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम की 10,600 बसों में से 7,200 बसों को तैनात कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सैकड़ों निजी वाहन भी तैनात हैं। लगभग 2,000 एकड़ में फैले जनसभा स्थल में एक मजबूत सुरक्षा घेरा बनाया गया है। जनसभा स्थल पर 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात जाम की संभावना को देखते हुए राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा जाने वालों को वैकल्पिक मार्गो से जाने की सलाह दी गई है। हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने रविवार को वाहनों से टोल टैक्स नहीं बसूलने का निर्णय लिया है। इस फैसले का सरकार ने विरोध किया है।

विपक्ष ने लगाया शक्ति के दुरूपयोगा का आरोप

विपक्षी पार्टियों ने टीआरएस पर राजनीतिक बैठक के लिए आधिकारिक तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है, लेकिन कैबिनेट मंत्री और राव के बेटे के.टी. रामाराव ने सभी आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि यात्रा और भोजन का पूरा खर्चा बैठक में आने वालों ने उठाया है और पार्टी ने सिर्फ कर्मियों की तैनाती की जिम्मेदारी ली है।