पश्चिम बंगाल में TMC नेता के बिगड़े बोल- बीजेपी नेताओं को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात

  • West Bengal में बढ़ी नेताओं के बीच जुबानी जंग
  • TMC नेता का विवादित बयान
  • बीजेपी नेताओं को लेकर फिल्मी अंदाज में साधा निशाना

By: धीरज शर्मा

Published: 20 Jan 2021, 12:22 PM IST

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ( West Bengal Assembly Election ) का समय जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। सत्ता के लिए कमर कस चुकी बीजेपी हो या फिर सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस। दोनों ही दलों के नेता एक दूसरे पर सीधे हमले बोल रहे हैं। हालांकि इन जुबानी जंगों के बीच कई बार नेताओं के बिगड़े बोल भी सामने आ रहे हैं।

ऐसा ही हिंसक बयान टीएमसी नेता का सामने आया है। टीएमसी नेता और पूर्व मंत्री मदन मित्रा ने बीजेपी नेताओं को लेकर बड़ा बयान दे डाला है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी पारा एक बार फिर हाई हो गया है।

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तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सेंध लगाने की तैयारी कर ली है। यही वजह है कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं। चुनावी जंग जीतने के लिए दोनों दलों के नेता जनता के बीच हर मुमकिन कोशिश करने में जुटे हैं। ऐसे भला बयानबाजियों का दौर तेज होना लाजिमी है।

बंगाल तृणमूल कांग्रेस नेता और राज्य में परिहन मंत्री रह चुके मदन मित्रा ने हवड़ा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बॉलीवुड स्टाइल में बीजेपी को चेतावनी दी।

उन्होंने कहा- 'जो भी बीजेपी से हैं सुनें, दूध मांगो तो खीर देंगे, अगर बंगाल मांगो तो चीर देंगे।' मदन मित्रा के इस बयान को लेकर अब सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है।

दरअसल मित्रा के इस बयान को हिंसक बयान के तौर पर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि बंगाल चुनाव की आहट के साथ ही हिंसक घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। फिर चाहे वो बीजेपी नेताओं पर हमले हों या फिर टीएमसी नेताओं की हत्या।

जुबानी जंग हो या फिर फिसलती जुबान मित्रा का बयान पहला नहीं है। इससे पहले मंगलवार को ही कोलकाता में एक रैली के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से अभद्र भाषाओं में नारे लगाने का मामला सामने आया थ।

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टीएमसी समर्थकों ने इतनी भद्दी भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया की रैली के दौरान कहा था कि 23 जनवरी को देशनायक दिवस मनाया जाएगा, पराक्रम के 3-4 मतलब हो सकते हैं, इसका सही मतलब मुझे नहीं पता है। इसलिए मैं इसको लेकर चर्चा नहीं कर सकती हूं।

दरअसल केंद्र सरकार ने 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है।

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