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Arvind Kejriwal Court Boycott: दिल्ली हाईकोर्ट में कथित आबकारी नीति घोटाले की सुनवाई के दौरान बुधवार को उस वक्त एक बड़ा संवैधानिक गतिरोध देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं ने कोर्ट की कार्यवाही के बहिष्कार का बिगुल फूंक दिया। एक तरफ नेताओं ने इसे 'सत्याग्रह' बताते हुए अदालत में पेश होने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी तरफ ट्रायल कोर्ट से पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच को सुनवाई सोमवार दोपहर 2:30 बजे तक के लिए टालनी पड़ी।
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उनकी बेंच की कार्यवाही में शामिल न होने का कड़ा फैसला लिया है। इन नेताओं का कहना है कि उन्हें इस बेंच से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद नहीं है, जिसके चलते न तो वे और न ही उनका कोई वकील कोर्ट में उपस्थित हुआ। इससे पहले अदालत ने उनकी 'रिक्यूजल' जज बदलने की अर्जी खारिज किए जाने के बाद इन नेताओं ने अपने वकालतनामे वापस लेते हुए अदालती बहिष्कार का ऐलान किया था।
सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने पाया कि निचली अदालत से संबंधित पूरा रिकॉर्ड अभी तक हाईकोर्ट के समक्ष पेश नहीं किया गया है। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए आदेश दिया कि 'विशेष संदेशवाहक' के माध्यम से कल तक सारा रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाए। रिकॉर्ड की कमी और कुछ प्रतिवादियों के जवाब दाखिल करने में देरी को देखते हुए कोर्ट ने गुरुवार को होने वाली सुनवाई रद्द कर दी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एएसजी एसवी राजू की उपस्थिति में कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड मिलने के बाद ही सोमवार से विधिवत सुनवाई शुरू होगी।
कोर्ट ने उन सभी प्रतिवादियों को राहत देते हुए एक आखिरी मौका दिया है, जिन्होंने अब तक अपना आधिकारिक जवाब पेश नहीं किया है। बेंच ने निर्देश दिया कि शनिवार तक हर हाल में जवाब दाखिल कर दिए जाएं। साथ ही, एडवोकेट फर्रुख खान ने स्थगन आदेश रद्द करने के लिए दायर आवेदन पर केंद्र सरकार की ओर से एसजी ने जवाब देने की बात कही है।
इसी कार्यवाही के समानांतर, दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय ED की याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए अरविंद केजरीवाल को एक नया नोटिस जारी किया है। ED ने उन फैसलों को चुनौती दी है जिसमें केजरीवाल को समन की तामील न करने के दो अलग-अलग मामलों में बरी कर दिया गया था। अब सोमवार को होने वाली सुनवाई न केवल मुख्य घोटाले बल्कि ED की इन नई याचिकाओं पर भी दिशा तय करेगी।
Published on:
29 Apr 2026 06:43 pm
