
जन्मदिन विशेष: इन 10 योजनाओं के तहत पीएम मोदी ने चार साल में महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
नई दिल्ली। साल 2012 में निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा मुद्दे का भी नरेंद्र मोदी को देश का पीएम बनाने में अहम योगदान रहा। लेकिन कठुआ, उन्नाव और शिमला जैसे दुष्कर्म कांड महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताने के लिए काफी हैं। इसके बावजूद मोदी सरकार ने ऐसी दस योजनाओं पर काम शुरू किया जो महिला कल्याण व सशक्तिकरण के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। इन योजनाओं के जरिए आप भी जान सकते हैं कि मोदी सरकार ने अभी तक महिलाओं के लिए क्या किया?
1. तीन तलाक
तीन तलाक जैसे विवादित कानून के खिलाफ मोर्चा खोलकर सरकार ने मुस्लिम महलाओं को इस समस्या से राहत दिलाने का भरसक प्रयास किया है। केंद्र सरकार के पहल पर सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध करार दिया। लोकसभा में यह बिल पास हो चुका है। राज्सभा में इस बिल को पास कराने को लेकर सरकार प्रयासरत है।
2. महिलाओं को हज पर अकेले जाने का अधिकार
मोदी सरकार ने पुरुष अभिभावक के बिना महिलाओं के हज यात्रा पर रोक को भेदभाव और अन्यायपूर्ण करार देते हुए इसे खत्म कर दिया। इसका सीधा असर यह हुआ कि दशकों पुरानी मेहर प्रथा खत्म हो गई। अब पुरुषों के बिना भी महिलाएं हज यात्रा पर जा सकती हैं। नई हज नीति के तहत 45 साल की उम्र पार कर चुकी चार या उससे अधिक मुस्लिम महिलाएं बिना मेहरम एक साथ हज यात्रा पर जा सकती हैं। इसका लाभ उठाते हुए 2018 में 1300 मुस्लिम महिलाओं ने बिना किसी पुरुष सदस्य के हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन किया। बता दें कि आजादी के बाद भी दशकों से यह भेदभाव कायम था।
3. पोक्सो कानून में संशोधन
प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस यानी पोक्सो कानून में जरूरी संशोधन किए गए। सरकार के इस कदम से 12 साल तक के मासूमों से दुष्कर्म के दोषियों के लिए मौत की सजा का रास्ता साफ हो गया है।
4. वन स्टॉप सेंटर योजना
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने महिलाओं के लिए राष्ट्रीय महिला नीति का मसौदा तैयार कर मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया। इस मसौदे के अनुरूप सरकार ने वन स्टॉप सेंटर योजना को भी अमलीजामा पहनाया। इसके तहत किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार पीड़िताओं को तत्काल सहायता मुहैया कराने का प्रावधान है।
5. वर्किंग वुमन हॉस्टल
वर्किंग वुमेन हॉस्टल योजना के तहत कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस हॉस्टल में कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल और जरूरत की हर चीज उपलब्ध कराया जाता है।
6. महिला शक्ति केंद्र योजना
महिला शक्ति केंद्र योजना महिलाओं के संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए 2017 में शुरू की गई। इस योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से सशक्त बनाने का काम किया जाता है।
7. उज्जवला योजना
पीएम उज्जवला योजना (पीएमयूवाई) मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके जरिए गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली दो करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाओं को गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। 2022 तक 11 करोड़ महिलाओं को गैस सिलेंडर देने की योजना है। करीब पांच करोड़ सिलेंटर वितरित किए जा चुके हैं।
8. सेना में महिलाओं की स्थायी एंट्री
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने बहादुर बेटियों को खुशखबरी दी। उन्होंने कहा कि शॉर्ट सर्विस कमिशन में अब महिलाओं को स्थाई रूप से एंट्री की घोषणा की। पहले ये लाभ सिर्फ पुरुषों को ही मिलता था।
9. गर्भवती महिलाओं के लिए आर्थिक मदद योजना
देश के 650 से ज्यादा जिलों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में पंजीकरण, डिलीवरी, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के लिए छह हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि उनके अकाउंट में सीधे ही जाएगी। अभी तक इस योजना के तहत चार हजार रुपए देने का प्रावधान था।
10. मुस्लिम कन्या शिक्षा
केंद्र सरकार ने हज सब्सिडी खत्म कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम उठाए हैं। इस योजना पर हर सब्सिडी पर मिलने वाले बजट को अब मुस्लिम कन्या शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। इस योजना के तहत मुस्लिम लड़कियों को शिक्षित करने पर खर्च किया जाता है। केंद्र सरकार की इस योजना को मुस्लिम बुद्धिजीवियों का भी समर्थन हासिल है।
Published on:
17 Sept 2018 10:11 am
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