
मोदी मंत्रीमंडल को बड़ा झटका, उपेंद्र कुशवाहा ने दिया इस्तीफा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाले राजग का साथ छोड़ दिया है। यही नहीं बिहार में तेजी से बदल रहे राजनीतिक समीकरणों के बीच केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह ने अपने पद से भी इस्तीफे की पेशकश कर दी ही। कुशवाहा ने सर्वदलीय बैठक से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीपा भेज दिया है।
कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्रीमंडल से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक गलियारों खास तौर पर बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर सीधा असर पड़ेगा। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी प्रमुख पिछले कुछ सप्ताहों से भाजपा और उसके अहम सहयोगी दल के नेता, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साध रहे थे।
दे चुके हैं ये बड़ा संकेत
दरअसल रालोसपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलने के भाजपा के संकेतों के बाद से कुशवाहा नाराज चल रहे थे। इससे पहले कुशवाहा बिहार में एनडीए के खिलाफ चुनाव लड़ेने के भी संकेत दे चुके हैं। बीते दिनों मोतिहारी में उन्होंने कहा था कि लोग हमारे भविष्य की रणनीति को लेकर आस लगाए बैठे हैं। उनको मैं साफ करना चाहता हूं कि सुलह-समझौता करने के उनके सभी प्रयासों को अब तक सफलता नहीं मिली है। इसलिए आने वाले दिनों में उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की पंक्तियां बोली कि 'अब याचना नहीं रण होगा संघर्ष बड़ा भीषण होगा।
आपको बता दें कि कुशवाहा आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ विपक्ष के कई अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव व पूर्व सीएम जीतन राम मांझी आदि अन्य नेता भी फिलहाल दिल्ली में ही हैं। इससे पहले पीएम मोदी की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भी उपेंद्र कुशवाह नहीं पहुंचे। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि वे आज इस्तीफा दे सकते हैं।
Updated on:
10 Dec 2018 01:20 pm
Published on:
10 Dec 2018 01:15 pm
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