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एएमयू विवाद: वीएचपी नेता कोकजे ने की जिन्‍ना की बात, चुप्‍पी तोड़ अंसारी ने छेड़ा छात्रों का राग

पूर्व राष्‍ट्रपति हामिद अंसारी ने जिन्‍ना के मुद्दे पर छात्रों का समर्थन कर इस मुद्दे को नए सिरे से तूल देने की कोशिश की।

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नई दिल्‍ली। कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय में जिन्‍ना के मुद्दे को तूल दिया गया था। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण तक आते-आते यह मसला लगभग शांत हो गया। लेकिन विश्‍व हिंदू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष विष्‍णु सदाशिव कोकजे ने एक बार फिर इस मुद्दे को तूल देने की कोशिश की है। वहीं देश के पूर्व उपराष्‍ट्रपति हामिद अंसारी ने भी इस मुद्दे पर अब अपना मुंह खोला है। उन्‍होंने छात्रों की मांग का खुलकर समर्थन किया है।

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जिन्‍ना सम्‍मान के योग्‍य नहीं
विश्‍व हिंदू परिषद के अंतरराष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष विष्‍णु सदाशिव कोकजे ने जारी बयान में कहा है कि मुहम्मद अली जिन्ना को किसी भी पैमाने पर राष्ट्रपुरुष नहीं माना जा सकता। हिंदुस्तान में जिन्‍ना को कहीं भी और किसी भी रूप में सम्‍मान नहीं मिलना चाहिए। उन्‍होंने यह बयान देकर एक बार फिर इस मुद्दे पर लोगों को भड़काने की कोशिश की है। उनका कहना है कि इस मुद्दे को तूल देने का सवाल नहीं है। अहम बात ये है कि अब एकमात्र विकल्‍प है कि जिन्‍ना की तस्‍वरी को एएमयू से जितना जल्‍द हो हटा लेने की जरूरत है।

छात्रों की मांग जायज
दूसरी तफ पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों के समर्थन में अपनी चुप्पी तोड़ आगे आए हैं। अंसारी ने दो मई को यूनिवर्सिटी कैंपस में जिन्ना की तस्वीर को लेकर हंगामा करने वालों बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी छात्रों की मांग का समर्थन किया है। जिस समय हंगामा हुआ उस वक्त उपराष्ट्रपति भी एक कार्यक्रम के लिए मौजूद थे। उस कार्यक्रम में उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन का आजीवन सदस्य के रूप में सम्मानित किया जाना था। कार्यक्रम को कथित हिंदू कट्टरवादियों के हंगामे के कारण रद्द कर दिया गया था। एएमयू के छात्र रहे अंसारी ने कहा कहा कि हंगामे का समय और इसे सही साबित करने के लिए गढ़े जा रहे तर्क सवाल खड़े कर रहे हैं। अंसारी ने कहा कि एएमयू छात्रों का विरोध जायज है। छात्रों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा न पहुंचे। छात्रों की बाहरी लोगों और हंगामा करने वालों के खिलाफ न्यायिक जांच की मांग न्यायोचित है। एएमयू स्टूडेंट यूनियन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि एएमयू के प्रशासन ने भी इस तरह का आग्रह किया है।

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क्या है विवाद
एएमयू में पाकिस्तान के फाउंडर मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगाए जाने को लेकर विवाद उठा था। विवाद के बाद यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़, आगजनी और बवाल हुआ। यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं तक टाल दी गईं। विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई थी। इस पूरे मामले में अबतक दो छात्रों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके नाम अमित गोस्वामी और योगेश वार्ष्णेय है।