
नई दिल्ली। बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार को दक्षिण भारत से एक बड़ा झटका लगा है। वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने से नाराज होकर मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सूत्रों का कहना है कि तेलुगू देशम पार्टी (TDP) इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन कर सकती है।
YSRC के साथ आ सकती हैं अन्य पार्टियां
लोकसभा में वाईएसआर कांग्रेस के मुख्य सचेतक वाई पी सुब्बा रेड्डी ने बताया आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाना एक गंभीर मुद्दा है। हमने इसे लेकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। अविश्वास प्रस्ताव पर कांग्रेस,तृणमूल कांग्रेस ,तेलुगू देशम पार्टी तथा कुछ अन्य दलों का समर्थन जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आगे की रणनीति के लिए टीडीपी ने शुक्रवार को बैठक बुलाई है।
अविश्वास प्रस्ताव का दिया नोटिस
रेड्डी ने लोकसभा की महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव को सौंपे गए नोटिस में अनुरोध किया है कि उनके अविश्वास प्रस्ताव को नियम 198 बी के प्रावधानों के तहत 16 मार्च की कार्यसूची में शामिल किया जाय।
आंध्र प्रदेश के लिए सब साथ
एक सवाल पर श्री रेड्डी ने कहा ,'टीडीपी के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल होने के बावजूद हम उससे भी समर्थन के लिए बातचीत कर रहे हैं क्योंकि हमारी पार्टी 2014 में आंध्रप्रदेश के विभाजन के समय किए गए आश्वासनों को पूरा न किए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से सामने लाना चाहती है।' टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के सांसद आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को बजट सत्र की शुरूआत से ही संसद के अंदर और बाहर जोर-शोर से उठा रहे हैं।
नायडू पहले ही तोड़ चुके हैं नाता
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी कुछ समय पहले विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने से नाराज होकर मोदी सरकार से नाता तोड़ लिया है। नायडू ने कहा कि 2014 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन करने से तेलुगू देशम पार्टी को कुछ हासिल नहीं हुआ। इसके बाद एनडीए में टीडीपी कोटे के दोनों केंद्रीय मंत्रियों पी.अशोक गजपति राजू और वाई.एस. चौधरी का इस्तीफा दे दिया।
Published on:
15 Mar 2018 07:40 pm
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