
(YSRTP अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 53वें जन्मदिन की YSRTP अध्यक्ष ने बधाई दी। YSR तेलंगाना पार्टी (YSRTP) अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने ट्वीट किया, राहुल गांधी को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं। आप अपनी दृढ़ता और धैर्य से लोगों को प्रेरित करते रहें और अपने सच्चे प्रयासों से उनकी सेवा करते रहें। आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और सफलता की कामना करता हूं। ऐसा बताया जा रहा है कि, इस साल के अंत में होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ वाईएसआरटीपी के विलय की चर्चा चल रही है।
सूत्रों ने पुष्टि की कि विलय सौदे के लिए शर्मिला और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि, संयुक्त आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) की बेटी वाईएसआरटीपी नेता शर्मिला को विलय के लिए तैयार हैं। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया, इसके बदले में कांग्रेस उन्हें और उनके कुछ करीबी समर्थकों को तेलंगाना विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट देगी।
पलेयर से चुनाव लड़ेंगी शर्मिला
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी की बहन शर्मिला ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह खम्मम जिले के पलेयर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी। वाईएसआरटीपी के कुछ अन्य नेताओं को भी कांग्रेस का टिकट मिलने की संभावना है। विलय या संभावित गठबंधन का एक संकेत तब मिला, जब पड़ोसी राज्य में कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद शर्मिला ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कई बार मुलाकात की।
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29 मई को बेंगलुरु में मिले थे शिवकुमार और शार्मिला
शर्मिला और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के बीच आखिरी मुलाकात 29 मई को बेंगलुरु में हुई थी। उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस की जीत में शिवकुमार की भूमिका की सराहना की। यह बैठक महत्वपूर्ण थी। शिवकुमार तेलंगाना में कांग्रेस को मजबूत करने में अहम रोल अदा कर रहे हैं। वह छोटे दलों संग गठबंधन और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को वापसी कराने में सक्रिय हैं।
कांग्रेस से हाथ मिलाना एक सामान्य आधार
शिवकुमार के दिवंगत वाईएसआर और उनके परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध थे। शर्मिला को कांग्रेस के दिग्गज वाईएसआर की विरासत पर भरोसा है। तेलंगाना में कांग्रेस के नेता उनके साथ हाथ मिलाने में एक सामान्य आधार देखते हैं।
बीआरएस को हराने के लिए किसी से भी वार्ता
शर्मिला ने यह भी कहा था कि आगामी चुनावों में केसीआर के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को हराने के लिए उनकी पार्टी किसी से भी बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने तेलंगाना में 'राजन्ना राज्यम' को वापस लाने का वादा करते हुए 2021 में वाईएसआरटीपी की स्थापना की थी।
Updated on:
19 Jun 2023 04:02 pm
Published on:
19 Jun 2023 03:56 pm
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