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नियमों में उलझी खरीद

सरकार की ओर से मसूर की खरीद बाजार मूल्य से होने पर भी किसानों को रास नहीं आ रही है। हालात यह है कि एक पखवाड़े पहले यहां शुरू किए गए खरीद केन्द्र और मंडी में किसानों

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Shankar Sharma

Apr 27, 2016

Pratapgarh photo

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प्रतापगढ़
. सरकार की ओर से मसूर की खरीद बाजार मूल्य से होने पर भी किसानों को रास नहीं आ रही है। हालात यह है कि एक पखवाड़े पहले यहां शुरू किए गए खरीद केन्द्र और मंडी में किसानों ने सरकार को मसूर नहीं बेची है। काफी प्रयास के बाद सोमवार को मात्र 17 क्विंटल मसूर की खरीद की गई। लेकिन भुगतान को लेकर किसानों ने नाराजगी जताई। इसे लेकर एफसीआई की टीम मंगलवार को प्रतापगढ़ पहुंची। टीम ने यहां मंडी में मसूर की नीलामी स्थल का दौरा किया। इस दौरान सामने आया कि किसानों को नकद भुगतान चाहिए। जबकि एफसीआईकी ओर से चेक दिया जा रहा है।


केवीएस के माध्यम से खरीद
एफसीआई की ओर से यहां खरीद के लिए क्रय-विक्रय सहकारी समिति प्रतापगढ़ को अधिकृत किया गया है। समिति के प्रतिनिधि गोपालसिंह राव ने बताया कि हम प्रतिदिन यहां मंडी में मसूर की खरीद के लिए आ रहे है। किसानों की रुची नहीं है। ऐसे में बड़ी मुश्किल से सोमवार को 17 क्विंटल 23 किलो मसूर की खरीद की।

खरीद किसानों के हित में, कर रहे समझाइश
हम किसानों के हित में मसूर की खरीद कर रहे है। मसूर की खरीद प्रतापगढ़ केन्द्र पर अभी तक मात्र 17 क्विंटल मसूर की खरीद हुई। किसानों की समस्या को देखते हुए टीम ने मंगलवार को किसानों से बात की। इसमें भी किसानों को नकद भुगतान चाहिए। किसानों मंडी में किसानों को समझाइश भी की गई है। हम प्रयास कर रहे है कि किसान यहां सरकार को मसूर बेचें। राकेश कुमार एरिया मैनेजर, एफसीआई उदयपुर