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Rajasthan Weather: 25 मई से शुरू होगा नौतपा, प्रतापगढ़ के ज्योतिषाचार्य के अनुसार क्या है बारिश के संकेत?

Rajasthan Weather: 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा में इस बार अतिचारी गुरु, त्रिग्रही योग और रोहिणी नक्षत्र के विशेष संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तेज गर्मी, आंधी-तूफान और बूंदाबांदी के बीच इस साल अच्छी बारिश के प्रबल संकेत हैं।

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Nautapa 2026 Astro-Alert

Nautapa 2026: नौतपा 2026: 9 दिन जब सूरज दिखाएगा सबसे प्रचंड रूप (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

प्रतापगढ़। इस वर्ष 25 मई को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी से नौतपा शुरू होने जा रहा है, जो कि दो जून तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर ज्योतिषाचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि जब रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश करता है तो इस दौरान जो स्थिति निर्मित होती है उसे नौतपा कहते हैं। साथ ही जब चंद्रमा ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आद्र्रा से स्वाति नक्षत्र तक अपनी स्थितियों में हो एवं तीव्र गर्मी पड़े, तो यह स्थिति नौतपा कहलाती है।

खास बात यह भी है कि नौतपा उन कतिपय घटनाओं में से एक है जिसकी गणना की जाए तो यह प्रतिवर्ष 25 मई से ही शुरू होता है, लेकिन इसके प्रारंभ होने का समय परिवर्तित हो जाता है। इस वर्ष सूर्य 25 मई को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और उसके बाद सूर्य २ जून को प्रात: 07 बजकर 26 मिनट पर मृगशिरा नक्षत्र में जाएंगे। इस प्रकार 25 मई से 2 जून 2026 के मध्य के 9 दिन सबसे भीषण गर्मी होने की वजह से इसे नौतपा कहा जाता है।
नौतपा में सूर्य पर रहेगी रोहिणी नक्षत्र की नजर

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा साल में एक बार होता है जब सूर्य पर रोहिणी नक्षत्र की दृष्टि पड़ती है। सूर्य किसी भी नक्षत्र में 15 दिन के लिए होता है, वहीं इस अवधि में चन्द्रमा जिन 9 नक्षत्रों पर रहता है, वे दिन ज्योतिष में नौतपा कहलाते हैं। यही कारण है कि इन नौ दिनों में गर्मी अधिक रहती है।

रोहिणी नक्षत्र का बढ़ जाता है तापमान

चूंकि मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी कम हो जाती है और इससे धूप और तेज हो जाती है। सूर्य तेज और प्रताप का प्रतीक माना जाता है, जबकि चंद्रमा शीतलता का। रोहिणी नक्षत्र का अधिपति ग्रह चंद्रमा ही है। जब सूर्य चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तो सूर्य चंद्रमा के इस नक्षत्र को भी अपने प्रभाव में ले लेता है, जिसके कारण रोहिणी नक्षत्र का तापमान भी बढऩे लगता है। जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आता है तो इस दौरान तापमान बढऩे से धरती पर आंधी और तूफान आने की आशंका भी बढ़ जाती है।

इस नक्षत्र में बारिश होने पर बनेंगे उत्तम वर्षा के योग

मान्यताओं के आधार पर ज्योतिषाचार्य डॉ. संजय गील ने बताया कि ज्यैष्ठ माह में सूर्य के वृषभ राशि के 10 अंश से 23 अंश 40 कला तक नौतपा कहलाता है। इस दौरान तेज गर्मी बारिश के अच्छे योग बनते हैं। ऐसा माना जाता है कि नौतपा जितने अधिक तपते हैं तो उस साल बारिश भी अच्छी होती है। इसी प्रकार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में आद्र्रा नक्षत्र से लेकर दस नक्षत्रों तक यदि बारिश हो तो पूरे बारिश के मौसम में अच्छी बारिश के योग माने जाते हैं। यदि इन दसों नक्षत्रों में बारिश न हो और इन्हीं नक्षत्रों में तीव्र गर्मी पड़ जाए तो समझो उस साल बारिश जमकर होगी।

ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर इस वर्ष नौतपा की अवधि में देव गुरु बृहस्पति के पहले से ही अतिचारी होने एवं रोहिणी का निवास समुद्र में होने से आंधी-तूफान के साथ उत्तम वर्षा के योग निर्मित होंगे। इसी प्रकार नौतपा के दौरान दो मंगलवार एवं मिथुन राशि में गुरु, शुक्र एवं बुध राशि से निर्मित त्रिग्रही योग से तेज गर्मी के बीच आंधी और बूंदाबांदी होने की संभावना है, जिससे नौतपा खंडित हो सकता है।

इन उपायों से मिलते हैं शुभ परिणाम

ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर नौतपा में विधि-विधान से सूर्यदेव की उपासना करने से उत्तम परिणामों की प्राप्ति होती है। साथ ही नौतपा में जरूरतमंद लोगों और राहगीरों को पानी पिलाना बहुत ही पुण्य का काम माना जाता है। नौतपा में प्याऊ लगवाना भी शुभ माना गया है, जिससे जातक को शुभ परिणाम मिलते हैं। इसी के साथ इस अवधि में लोगों को शरबत, दूध, दही और मौसमी फलों आदि का दान करना भी काफी पुण्यकारी माना गया है। इन सभी कार्यों को करने से साधकों को सूर्य देव की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।