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राजस्थान की इस मुख्य सड़क पर झांक रही मौत, 66.85 करोड़ खर्च कर बनी सीसी रोड पर हो रहे हादसे

Pratapgarh Road Crack Issue: राजस्थान को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाली प्रतापगढ़-अरनोद-दलोट-बड़ी साखथली मुख्य सड़क अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि खतरे का पर्याय बन चुकी है। करीब 66.85 करोड़ रुपए की लागत से बनी सीसी रोड जगह-जगह से इस कदर फट चुकी है कि सड़क के बीच उभरी गहरी दरारें अब "मौत की दरारें" बन गई हैं।
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प्रतापगढ़

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 9 May 2026, 1:04 PM IST

प्रतापगढ़-अरनोद-दलोट-बड़ी साखथली मुख्य सड़क बदहाल, पत्रिका फोटो

प्रतापगढ़-अरनोद-दलोट-बड़ी साखथली मुख्य सड़क बदहाल, पत्रिका फोटो

Pratapgarh Road Crack Issue: राजस्थान को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाली प्रतापगढ़-अरनोद-दलोट-बड़ी साखथली मुख्य सड़क अब लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि खतरे का पर्याय बन चुकी है। करीब 66.85 करोड़ रुपए की लागत से बनी सीसी रोड जगह-जगह से इस कदर फट चुकी है कि सड़क के बीच उभरी गहरी दरारें अब "मौत की दरारें" बन गई हैं। इन दरारों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और वाहन चालक जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

सबसे खराब स्थिति दलोट और निनोर के बीच बताई जा रही है, जहां सडक़ के बीच आधा-आधा फीट तक चौड़ी दरारें उभर आई हैं। कई स्थानों पर कंक्रीट की परतें ऊपर उठ गई हैं और सड़क गहरे कटाव में बदल चुकी है। तेज रफ्तार वाहन अचानक इन दरारों में फंस जाते हैं, जिससे बाइक सवार संतुलन खोकर गिर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई महीनों से लगातार छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं और कुछ गंभीर दुर्घटनाओं में लोगों की जान तक जा चुकी है।

रात को नहीं दिखती दरारें

रात के समय यह सड़क और अधिक खतरनाक हो जाती है, क्योंकि दरारें दूर से दिखाई नहीं देतीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर सफर करना अब "जान हथेली पर लेकर चलने" जैसा हो गया है।

यह है सड़क की स्थिति

सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुसार करीब 52.60 किलोमीटर लंबी प्रतापगढ़-अरनोद-पिपलोदा सड़क के मजबूतीकरण और चौड़ाई बनाने के कार्य पर 66.85 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू होकर 2022 में पूर्ण घोषित किया गया था। सड़क निर्माण का कार्य एम/एस रमेश कुमार बंसल, श्रीगंगानगर द्वारा किया गया। सड़क की डीएलपी यानी गारंटी अवधि 18 जुलाई 2025 तक थी, लेकिन गारंटी खत्म होते ही सड़क की परतें उखड़ने लगीं और अब सड़क जगह-जगह से दरक चुकी है।

विभाग का आश्वासन: कराएंगे मरम्मत

मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि सडक़ की खराब स्थिति की जानकारी मिली है और जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभाग हर बार केवल आश्वासन देता है, जबकि सडक़ लगातार हादसों का कारण बन रही है।
ग्रामीणों ने दी चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो सार्वजनिक निर्माण विभाग और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद सड़क की यह हालत भ्रष्टाचार और लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने ला रही है।

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