
प्रतापगढ़ में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, पत्रिका फोटो
Critical Care Block Issue: प्रतापगढ़ जिला चिकित्सालय में 17 करोड़ रुपए की लागत से बने क्रिटिकल केयर ब्लॉक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अधिकारियों के निरीक्षण के तुरंत बाद मरीजों की अस्थाई शिफ्टिंग का वीडियो वायरल होने से पूरे मामले को 'फोटो सेशन' बताया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे इन सवालों ने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
शनिवार को चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों ने ब्लॉक का निरीक्षण किया था। विभाग के निदेशक (जन स्वास्थ्य) के निर्देश पर जिला प्रभारी डॉ. राकेश कुमार, सीएमएचओ डॉ. जीवराज मीणा और पीएमओ डॉ. आलोक यादव ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने दावा किया कि यहां कैंसर डे-केयर, डायलिसिस जैसी सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। साथ ही 5 बेड का आईसीयू और पैलेटिव केयर यूनिट भी शुरू की जा रही है।
अधिकारियों के निरीक्षण के तुरंत बाद पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर पूरे घटनाक्रम को 'नाटक' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाने के लिए बिलकिस बाई वार्ड में भर्ती मरीजों को आनन-फानन में क्रिटिकल केयर वार्ड में शिफ्ट किया गया।
वायरल वीडियो में मरीजों को नए वार्ड में लाकर बेड पर लिटाया जाता दिखने का दावा किया गया। रामलाल मीणा ने कहा कि फोटो खिंचवाने के करीब 10 मिनट बाद मरीजों को वापस पुराने वार्ड में भेज दिया गया। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा और इलाज के नाम पर सिर्फ 'फोटो सेशन' बताया।
घटनाक्रम के बाद मौके पर देखा गया तो क्रिटिकल केयर ब्लॉक के मुख्य गेट पर ताले लटके हुए मिले, वहीं गेट और परिसर के आसपास धूल जमी हुई थी और गंदगी के ढेर साफ दिखाई दे रहे थे। रामलाल मीणा के अनुसार, यह वार्ड मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में प्रतापगढ़ को सौगात के रूप में मिला था, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह लंबे समय तक शुरू नहीं किया जा सका। अधिकारी फाइलों में ही क्रिटिकल केयर ब्लॉक में चिकित्सा सेवाएं शुरू होने का दावा कर लौट गए लेकिन आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं कब मिलेगी इस बारे में अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
Updated on:
4 May 2026, 11:26 AM IST
Published on:
4 May 2026, 11:26 AM IST
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