प्रतापगढ़. इस वर्ष पहले से ही मौसम की मार से अफीम की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे में औसत पर भी संशय है। वहीं दूसरी ओर अफीम तौल को लेकर नारकोटिक्स विभाग की ओर से अभी तक राजस्थान में तारीख की घोषणा नहीं की है। जिससे किसानों के घरों में रखी अफीम सूखने की ङ्क्षचता सता रही है। इस वर्ष प्राकृतिक प्रकोप के कारण विभिन्न फसलों में उत्पादन को लेकर किसानों में ङ्क्षचता है। कभी ओलावृष्टि तो कभी बारिश के साथ अंधड़ के कारण फसलें खराब हो गई है। जिसमें अफीम की फसल में भी कई इलाकोंं में काफी नुकसान पहुंचा है। जिससे कई किसानों की अफीम की औसत को लेकर भी संशय है।
इस संबंध में किसानों की ओर से मांगों को लेकर गत दिनों सरकार के नाम ज्ञापन दिए गए है। लेकिन अभी प्रदेश में अफीम तौल को लेकर कोई घोषणा नहीं की है। इन दिनों प्रदेश के अफीम उत्पादक जिलों में सीपीएस पद्धति वाले दिए गए लाइसेंसी खेतों में डोडों की तुड़ाई का कार्य चल रहा है। ऐसे मे अफीम तौल को लेकर अभी कोई कार्यक्रम नहीं बनाया गया है। वहीं दूसरी ओर निकटवर्ती मध्यप्रदेश में नारकोटिक्स विभाग की ओर से अफीम तौल को लेकर कार्यक्रम तय किया गया है। जिसमें एक अप्रेल से तौल शुरू किया जाएगा।
इस वर्ष जिले में यह है अफीम खेती का आंकड़ा
जिले में इस वर्ष करीब साढ़े साठ हजार किसानों को अफीम बुवाई के लाइसेंस पर खेती की थी। नारकोटिक्स विभाग की ओर से वर्ष 2022.23 के लिए कुल 8482 लाइसेंस वितरित किए गए थे। इसके तहत जिले के प्रतापगढ़ खंड में 4 हजार 628 किसानों को लाइसेंस दिए गए थे। इसमें से चीरा लगाने के किसानों की संख्या 3 हजार 426 रही। जबकि सीपीएस पद्धति के तहत एक हजार 202 किसान है। छोटीसादड़ी खंड में कुल 3 हजार 854 किसानों को लाइसेंस दिए गए है। इसमें चीरा लगाने वाले किसानों की संख्या 3 हजार 290 है। जबकि सीपीएस पद्धति में 564 लाइसेंस है।
अफीम किसानों ने सौंपा ज्ञापन
अरनोद. क्षेत्र में अफीम किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ की ओर से वित्त मंत्री के नाम शुक्रवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ के संभाग अध्यक्ष कर्नल जयराजङ्क्षसह, जिला अध्यक्ष पन्नालाल डांगी, कृषि मंडी अध्यक्ष अरूणङ्क्षसह, किसान राजेन्द्रङ्क्षसह झाला की अगुवाई में उपखंड अधिकारी अभिमन्यु ङ्क्षसह कुंतल को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मांग की गई कि नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों की ओर से सीपीएस पद्धति के तहत खेतों में फसल से डोडे नहीं तोड़े जा रहे है। जिससे किसानों को डोडों की रखवाली भारी पड़ रही है। इसके साथ ही उन्होंने इस कार्यवाही में पारदर्शिता बरतने की मांग की है। जिससे किसानों को राहत मिल सके। इसी दौरान दौरे पर पहुंचे जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीतङ्क्षसह यादव को भी एसडीएम कार्यालय में समस्या से अवगत कराया गया। इस पर उन्होंने नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। जिसमें आगामी दो दिनों में कार्रवाई का आश्वसन दिया गया।
तौल का शीघ्र हो आदेश
अफीम तुलाई का आदेश जारी नहीं किया है। ऐसे ही आशा की जाती है कि बिना सीपीएस पद्धति वाले किसानों के लिए भी अविलंब अफीम तौलने के आदेश जारी किए जाए। इसके अभाव में किसानों को अफीम की सुरक्षा करना भारी पड़ जाएगा।
कर्नल जयराजङ्क्षसह, अध्यक्ष भारतीय किसान संघ उदयपुर