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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में चुनाव के पहले पांच छात्रनेता निष्कासित, अकेले तीन एबीवीपी के

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी समेत कई छात्र नेता निष्कासित, सबसे ज्यादा एबीवीपी के।

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5 Student Leader Expelled from Allahabad University

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं पर बड़ी कार्रवाई

प्रसून पाण्डेय

इलाहाबाद. पूर्वांचल का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव अपने पूरे चरम पर है। चुनाव में छात्र नेताओ ने पूरी ताकत छात्रसंघ की जंग फतह करने केलिये झोक दी है।लेकिन चुनाव की तिथि घोषित होने के ठीक पहले कुलपति बनाम छात्र संघ की लड़ाई भी अपने शबाब पर है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए छह छात्र नेताओं को पांच साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि यह कार्यवाही हाईकोर्ट के आदेश पर गठित जांच कमेटी रिपोर्ट पर कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हंगालू से मंजूरी मिलने के बाद रजिस्ट्रार प्रो एनके शुक्ला ने की। बता दें की यह वही छात्रनेता हैं जिन्हें 13 जुलाई को कुलपति प्रोफेसर हंगालू के निर्देश पर चीफ प्राक्टर प्रोफेसर रामसेवक दुबे ने ब्लैक लिस्टेड किया था। ब्लैक लिस्टेड किये गये छात्र नेताओं में से दो छात्र नेता विक्रांत सिंह और नीरज प्रताप सिंह ने कार्यवाही के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। छात्र नेताओ का कहना था ।की उनके खिलाफ बिना उनका पक्ष जाने विवि के अधिकारी एकतरफा कार्यवाही कर रहे है।

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विक्रांत सिंह पूर्व उपाध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय (एबीवीपी)

लगातार आन्दोलन के बाद हाइकोर्ट की फटकार
विवि में लगातार आन्दोलन और उग्र प्रदर्शन के बाद विवि प्रशासन और छात्रनेताओ द्वारा मुकदमो का जो शिलशिला चला तो मामला हाइकोर्ट पंहुचा। कोर्ट हस्तक्षेप के बाद विवि को यह आदेश दिया गया की छात्रों का पक्ष जानने के लिये एक कमेटी बनायी जाए उसके बाद ही कोई कार्यवाही की जानी चहिये। जिस पर अंग्रेजी विभाग के प्रो आरके सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया इस कमेटी ने आरोपी छात्रों को बुलाकर उनका पक्ष जाना और 18 सितंबर को रिपोर्ट सौंपी। तत्काल कुलपति ने बड़ा निर्णय लेते हुए छह छात्रो का निष्कासन कर दिया। विवि कैम्पस में बीते दो साल से चल रहे छात्र नेता बनाम कुलपति के आन्दोलन में अब तक का यह सबसे बड़ा फैसला लिया गया जिसमें छात्रों को निष्कासित किया गया।

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आनंद सिंह निक्कू (एबीवीपी)

एवीबीपी निशाने पर
विश्वविद्यालय कैंपस में छह छात्र नेताओं ने चार विक्रांत सिंह नीरज सिंह आनंद सिंह निक्कू और सूर्य प्रकाश मिश्रा छात्र संगठन अख़िल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हैं। वही विवि छात्रसंघ के आगामी चुनाव के लिए छात्र नेता नीरज प्रताप सिंह ने एवीबीपी पैनल से अध्यक्ष पद की दावेदारी की है और छात्र संघठन एबीवीपी से नीरज अध्यक्ष पद के टिकट के लिये प्रबल दावेदार हैं। विवि में कुलपति के खिलाफ परिषद ने बड़ा आन्दोलन चला रखा है। बीते दो सालो में केंद्र सरकार परिषद के पैरोकारी पर कुलपति को चार बार तलब किया है। इस निष्कासन की कार्यवाही में सबसे ज्यादा एबीवीपी के कार्यकर्ता है।

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सूरज मिश्र पूर्व छात्र नेता (एबीवीपी)

छात्र नेताओ पर गम्भीर आरोप

निष्काषित किये छात्रनेताओं पर विश्वविद्यालय में अनुशासनहीनता तोड़फोड़ बमबाजी जैसे गंभीर आरोप है। यह सभी छात्रनेताओ पर डीनकल्याण आर्ट और कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर एके मिश्रा के साथ वह विवाद धक्का-मुक्की गाली-गलौज व मारपीट की है। निष्कासन के कार्यवाही के बाद कुलपति ने चीफ प्राक्टर प्रोफेसर रामसेवक दुबे से विवेकानंद पाठक शिव प्रकाश मिश्रा के बारे में जानकारी मांगी है कि इस समय कहां के छात्र है। वहां के संस्थान के हेड को पत्र लिखकर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानकारी दे।

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विवेकानंद पाठक राष्ट्रीय सचिव एनएसयूआई

छात्रनेता ने लगाये प्रशासन पर आरोप
वहीं छात्र नेता नीरज प्रताप सिंह ने पत्रिका को बताया उन्हें निष्कासित केवल इसलिये किया गया है ताकि वह चुनाव न लड़ सकें। नीरज का आरोप है कि जांच कमेटी के प्रोफेसर आरके सिंह ही युनिवर्सिटी के चुनाव अधिकारी भी हैं। आगामी चुनाव में उनका एक शोध छात्र एबीवीपी से अध्यक्ष पद का दावेदार है। उसे जिताने के लिये ही उन्होंने यह कार्रवाई की है। छात्र नेता विवेकानंद पाठक ने कार्यवाही को अलोकतांत्रिक बताया। विवेकानंद पाठक ने इस कार्यवाही का कोई मतलब नही है। मैं पहले ही तीन साल से विवि का छात्र नही हूं तो निष्कासन कैसा।

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अंकुश यादव पूर्व छात्र नेता इलाहाबाद विश्वविद्यालय

अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पर बड़ी कार्यवाही

विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह वर्तमान में एमए अंग्रेजी साहित्य के छात्र हैं और लगातार विवि में कुलपति के खिलाफ आन्दोलन कर रहे हैं। साथ ही छात्र नेता नीरज प्रताप सिंह एमए इकोनॉमिक्स के छात्र हैं। इस बार विद्यार्थी परिषद् के पैनल से अध्यक्ष पद की दावेदारी की है। चुनाव से पूर्व नीरज के निष्कासन की कार्यवाही से चुनाव लड़ना मुश्किल होगा। वहीं आनंद सिंह निक्कू विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र व पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव लड़ चुके विद्यार्थी परिषद पैनल से प्रत्याशी रहे हैं। विद्यार्थी परिषद से ही सूर्य प्रकाश मिश्र मूल रूप से चित्रकूट के रहने वाले हैं। विवि में तत्कालीन छात्र तो नहीं, लेकिन छात्र नेता की हैसियत से हर आंदोलन में सक्रिय रहते हैं।

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धीरज प्रताप सिंह अध्यक्ष पद के दावेदार एबीवीपी

राज्यपाल को भेजेंगे रिपोर्ट
विवेकानंद पाठक भी विवि के छात्र नहीं। लेकिन छालों को लेकर होने वाले आंदोलन में सक्रिय रहते हैं। पिछले दिनों विवि में हुए बवाल के बाद जेल भी गए थे। विवेकान्नद एनएसयूआई के राष्ट्रिय सचिव है। विवेकानन्द पाठक आन्दोलन में जेल गए और एनएसयूआई के राष्ट्रिय अध्यक्ष पद का चुनाव भी जेल से लड़े। निष्कासित हुए अंकुश यादव लखनऊ विश्वविद्यालय में एमए समाज कार्य के छात्र हैं। अंकुश पर आरोप है की विवि के केपीयूसी हास्टल में कब्जा करके रह रहे हैं। जिसकी रिपोर्ट राज्यपाल और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति भेजी जाएगी। जिससे लखनऊ विश्वविद्यालय कुलपति विश्वविद्यालय स्तर से कार्यवाही कर सके।