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देश के सबसे मजबूत छात्रसंघ को देवरिया ने दिए है अब तक पांच अध्यक्ष,समाजवादी नेताओं की रही मजबूत पकड

1958 से शुरू हुआ सिलसिला 2018 तक कयाम रहा

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प्रसून पाण्डेय
इलाहाबाद :इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्रसंघ भवन राजनैतिक रूप से देश भर में बेहद सशक्त और मजबूत माना जाता है।छात्रसंघ की प्राचीर से निकले दिग्गज नेताओं की लंबी फेहरिस्त है।लंबे समय तक देश की संसद से लेकर सत्ता तक यहां के छात्र नेताओ की धमक रही है। जिसका सिलसिला आज तक जारी है। शिक्षा की प्रखरता के लिए दुनियां भर में विख्यात पूरब का ऑक्सफोर्ड कहां जाने वाला विश्वविद्यालय सियासत में लोकतंत्र की नर्सरी और छात्र राजनीति की पाठशाला कहा जाता है। देश में राजनीतिक बयार को तय करने वाला छात्र संघ माना जाता रहा है।

जिस छात्रसंघ भवन का जलवा देश की राजनीति में दशको तक कायम रहा। उस छात्रसंघ पर पूर्वांचल के देवरिया जिले की मजबूत पकड़ रही।आजादी के बाद से लेकर अब तक विश्वविद्यालय को पांच अध्यक्ष देने वाली देवरिया की धरती रही है। बता दें छात्र राजनीति 1958 के दौर से देवरिया और पूर्वांचल का जो सिलसिला विश्वविद्यालय में शुरू हुआ वह 2018 के छात्रसंघ तक लगातार बरकरार है।एक बार फिर देवरिया जिले के उदय प्रकाश यादव ने विश्वविद्यालय की प्राचीर से छात्रसंघ अध्यक्ष की शपथ ली।

2018 के छात्रसंघ चुनाव में देवरिया जिले के लाल ने छात्रसंघ भवन पर अपना लोहा मनवाया है। बता दें कि सच्चिदानंद मिश्रा देवरिया से इलाहाबाद विवि के पहले अध्यक्ष चुने गए। सच्चिदानंद मिश्र बाद में शिक्षक हुए और गोरखपुर में विश्वविद्यालय में अपनी सेवायें दी।वही डॉ लोहिया के अनुयाई और दिग्गज समाजवादी नेता मोहन सिंह ने छात्रसंघ भवन पर अपना परचम लहराया देश में समाजवाद की पहचान रहे। दिनेश यादव छात्रसंघ अध्यक्ष की फेहरिस्त में अपना नाम जोडने में सफल हुए। वहीं देवरिया से अवनीश यादव समाजवादी छात्र सभा से के अध्यक्ष चुने गए। जिसके बाद पांचवें अध्यक्ष के तौर पर उदय प्रकाश यादव ने शनिवार को शपथ लेकर नाम नाम देवरिया के दिग्गजों के साथ जोड़ लिया।

देवरिया जिले के इसरौली गांव के उदय प्रकाश यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 2012 में आए।और यहां से स्नातक की पढ़ाई की। उदय प्रकाश एलएलबी के छात्र है। लंबे संघर्ष और लड़ाई के बाद आज उदय प्रकाश का विश्वविद्यालय की प्राचीर से शपथ लेने का सपना पूरा हुआ। वैसे पहली बार 1958 में सच्चिदानंद मिश्रा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष चुने गए उनके बाद पूर्व सांसद मोहन सिंह 1967 में विश्वविद्यालय का चुनाव जीता और अध्यक्ष बने लंबे अंतराल के बाद समाजवादी छात्र सभा से ही दिनेश यादव 2012 में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।वहीं अवनीश यादव ने 2017 में समाजवादी छात्र सभा से विश्वविद्यालय में अपना परचम लहराया सिलसिला 2018 में उदय प्रकाश ने जारी रखा।


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