
अतीक के बेटे को झांसी जेल ले जाने वाला इंस्पेक्टर सस्पेंड, PC- Patrika
प्रयागराज : माफिया अतीक के बेटे को जेल शिफ्ट करवाने वाले इंस्पेक्टर को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई अली अहमद को प्रयागराज से झांसी जेल शिफ्ट करने के दौरान सुरक्षा में चूक को लेकर की गई। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई।
दरअसल, नैनी जेल से झांसी ले जाते समय अली ने मीडिया के सामने बयानबाजी की थी, जिसे सुरक्षा में गंभीर चूक माना गया था। यही वजह रही कि ट्रांसफर के दौरान सुरक्षा टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। अब सुरक्षा में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
अली ने मीडिया से कहा था- मेरा अल्लाह जानता है कि यहां सुरक्षित रहेंगे कि नहीं? मुख्यमंत्री जी से यही कहना है कि जो होना था, वो हो गया। हमें बचा लीजिए। मुझे बेवजह सताया न जाए। दरअसल, अली 38 महीने से नैनी जेल में बंद था। उसने 30 जुलाई, 2022 को प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था। गिरफ्तारी के बाद पहली बार अली मीडिया से बात कर पाया था। पुलिसवालों ने भी इतनी ढिलाई बरती थी कि वह अपनी बात मीडिया के सामने रख सके।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद CM योगी ने विधानसभा में कहा था—'माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।' 15 अप्रैल को अस्पताल ले जाते वक्त अतीक और चाचा अशरफ की गोली मार हत्या हो गई। बड़ा भाई असद का एनकाउंटर झांसी के पास ही हुआ। मां शाइस्ता परवीन फरार है। अली अकेला बचा, जो 30 जुलाई 2022 को प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से 5 करोड़ रंगदारी के आरोप में सरेंडर कर जेल पहुंचा। उमेश पाल केस में भी उसका नाम आया।
अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को पुलिस प्रशासन सुबह 6:10 बजे नैनी से लेकर निकला। इस दौरान काफिले में 20 सशस्त्र पुलिसकर्मी, 4 क्विक रिस्पांस टीम मेंबर और एक PAC दस्ता मौजूद था। दोपहर 3 बजे झांसी जेल पहुंचा था।
Updated on:
11 Oct 2025 04:15 pm
Published on:
11 Oct 2025 04:15 pm
