
अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात 10 बजे के करीब प्रयागराज में हत्या कर दी गई। पुलिस दोनों को मेडिकल टेस्ट के लिए अस्पताल ले जा रही थी। साथ चल रहे मीडियाकर्मी अतीक और अशरफ से सवाल कर रहे थे। इसी बीच तीन हमलावर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आए और अतीक के सिर में गोली मार दी। इसके बाद अशरफ पर फायरिंग की। हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्रकार बनकर आए थे शूटर
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया कि तीनों हमलावर पत्रकार बनकर आए थे। हमले के तुरंत बाद ही तीनों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस कस्टडी में तीनों से पूछताछ की जा रही है। उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। इस हमले में कॉन्स्टेबल मानसिंह को भी गोली लगी है, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेकर इस मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायायिक आयोग के गठन की घोषणा भी की गई है।
कौन हैं हमलावर?
पुलिस के मुताबिक, तीन हमलावरों को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोली मारने वाले तीनों युवक पंजाब से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट किलर हैं। हमलावरों की पहचान कथित रूप से लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य के रूप में हुई है। सूत्रों के अनुसार, अतीक और अशरफ पुलिस को उन हथियारों के नाम बता सकते थे जो उसे पंजाब में पाकिस्तान की सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल कर भेजे गए थे। इसलिए पर्दाफाश होने के डर से किसी गिरोह ने उनकी हत्या कर दी होगी।
ऐसे हुई हत्या
अतीक अहमद को पुलिस सुरक्षा में गाड़ी से उतारकर मेडिकल काल्विन हॉस्पिटल के लिए ले जाया जा रहा था। अतीक और उसके भाई के हाथ हथकड़ियों में बंधे थे। मीडियाकर्मी अतीक और उसके भाई अशरफ से बात कर रहे थे, तभी अचानक गोलीबारी शुरू हुई। बहुत तेज़ी से हुए घटनाक्रम में दोनों भाइयों की हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10 राउंड फायरिंग हुई।
हत्या की वीडियो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि अशरफ और अतीक मीडिया से बात कर रहे हैं। अशरफ के आखिरी लफ्ज कुछ यूं थे.. मेन बात ये है कि गुड्डू मुस्लिम। तभी अतीक के सिर के पास बंदूक दिखी और कुछ ही पल में अतीक को गोली मार दी गई। अतीक के बाद अशरफ पर भी गोली चलाई गई। कुछ ही सेकंड में अतीक और अशरफ जमीं पर गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
सीएम योगी ने घटना के बाद तुरंत उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जांच आयोग के गठन के निर्देश भी दिए हैं। इस मामले में तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है्।
अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है। पुलिस द्वारा गश्त और चेकिंग की जा रही है. प्रदेश के सभी ज़िलों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू की गई है। न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से यह जानकारी दी गई है। वहीं, लखनऊ में सीएम के सरकारी आवास की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।
अफवाह फैैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
योगी ने लोगों को अफवाह और गलत सूचना फैलाने वालों के प्रति आगाह किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में पथराव की खबरें
इसी बीच प्रयागराज के कर्बला, चकिया, राजरूपपुर और केसरिया इलाके में पथराव की खबरें सामने आई हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है। हालांकि इसपर ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। प्रयागराज में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
जानिए इस घटना पर किस पार्टी ने क्या कहा...
उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी हैः अखिलेश
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, "उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।"
ये एक बड़ी साजिश है, जांच होनी चाहिएः राशिद अल्वी
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने ट्वीट कर कहा, "इससे पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था कैसी है। उ.प्र. के मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि उ.प्र. में कानून व्यवस्था उत्तम है... ये एक बड़ी साजिश है, जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए।"
दोनों की हत्या योगी के क़ानून व्यवस्था की नाकामीः ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, "अतीक़ और उनके भाई पुलिस की हिरासत में थे। उन पर हथकड़ियां लगी हुई थीं। JSR के नारे भी लगाये गये. दोनों की हत्या योगी के क़ानून व्यवस्था की नाकामी है। एनकाउंटर राज का जश्न मनाने वाले भी इस हत्या के ज़िम्मेदार हैं। उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा, जिस समाज में हत्यारे हीरो होते हैं, उस समाज में कोर्ट और इंसाफ़ के सिस्टम का क्या काम?"
Updated on:
16 Apr 2023 04:25 am
Published on:
16 Apr 2023 04:24 am
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