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अतीक जेल में खेल का माहिर है खिलाड़ी, नैनी में बैडमिंटन कोर्ट तक बना था

अतीक अहमद सूबे का पहला ऐसा माफिया है जो सबसे ज्यादा जेलों से दरबदर हुआ। उत्तर प्रदेश की सात अहम जेलों में रहा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उसे साबरमती जेल भेजा गया।

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उमेश पाल हत्याकांड के बाद जांच में जो कुछ सामने आ रहा है, उससे साफ है कि अतीक ने वहां की जेल से भी खेल खेला। इससे पहले देवरिया, बरेली, श्रावस्ती, ललितपुर, बांदा, फतेहपुर और नैनी सेंट्रल जेल अतीक के किस्से कहानियां चर्चा में है।

उमेश पाल हत्या में अतीक और उसके भाई अशरफ का नाम जुड़ा है
उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम सामने आया। अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के जेल का खेल सामने आया। अतीक जेल में खेल का माहिर खिलाड़ी है। अतीक की जेल में सेटिंग से उसके भाई सहित गैंग के सदस्य ऐश करते थे।

अतीक जिस शहर के जेल में रहा, उसी शहर में परिवार ने फ्लैट ले लिया
अतीक जिस भी शहर की जेल में रहा, वहीं पर उसका परिवार, करीबी और गैंग के सदस्यों ने ठिकाना बना लिया। जेल बदलते ही अतीक का परिवार उस जेल कके करीब सेफ एरिया में फ्लैट ले लेता था। उस शहर में आने-जाने, रुकने और जेल में मिलने में कोई परेशानी नहीं होती थी। इसका पूरा प्लान बनाते थे।

माफिया अतीक की जेल में होती थी सेटिंग
प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में अतीक काफी समय तक रहा। माफिया अतीक की जेल में सेटिंग होती थी। एक समय था जब अतीक अहमद सेंट्रल जेल में दरबार लगाता था। राजू पाल हत्याकांड के बाद सपा सरकार में जेल में बंद अतीक, अशरफ और उसके गैंग के सदस्य पूरा ऐशो आराम से रहते थे ।

अहमदाबार शहर में भी करीबियों ने बना लिया ठिकाना
लग्जरी इंतजाम तो छोड़िए तब जेल में ही बैडमिंटन कोर्ट बना दिया गया था। खाने का मेन्यु, बैठका, दस्तरख्वान की चर्चाएं आज तक होती हैं। नैनी सेंट्रल जेल में सीखा-सिखाया खेल बाद में सूबे की 7 जेलों में बेरोकटोक चला। अतीक को जब राज्य बदलकर गुजरात की जेल में शिफ्ट करने का आर्डर हुआ तो करीबियों ने अहमदाबाद शहर को असल ठिकाना बना लिया।

असल में वहां यूपी पुलिस का रोल नहीं था, वहां की पुलिस अतीक और उसके गैंग के कारनामों को जानती नहीं थी इसलिए करीबियों के लिए वह दूसरे राज्य घूमने का बहाना और पिकनिक स्पॉट हो गया। प्रयागराज में पुलिस की सरगर्मी बढ़ती तो गैंग मेंबर अहमदाबाद घूम आते और बॉस से मिल लेते।