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बाढ़ के बाद बड़े हनुमान मंदिर का कपाट खुला, भक्तों के लिए खुले दर्शन-पूजन के द्वार

गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद त्रिवेणी बांध के पास स्थित बड़े हनुमान जी के मंदिर का पट खुल गया है। अब भक्त मंदिर आकर हनुमान जी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

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प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ा

प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ा

गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद त्रिवेणी बांध के पास स्थित बड़े हनुमान जी के मंदिर का पट खुल गया है। अब भक्त मंदिर आकर हनुमान जी के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकते हैं। सोमवार सुबह मंदिर की सफाई की गई और उसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा का अभिषेक और सुंदर श्रृंगार किया गया। बड़े हनुमान मंदिर के महंत बलवीर गिरी ने विधि-विधान से हनुमान जी की पूजा की और आरती उतारी। इसके बाद श्रद्धालु भी हनुमान जी के दर्शन करने लगे। खास बात यह है कि यह पहली बार हुआ है जब गंगा मइया ने एक साल में तीन बार बड़े हनुमान जी को महास्नान कराया है।

15 जुलाई को हुआ था पहला स्नान 

पहला महास्नान 15 जुलाई को हुआ था, जब गंगा जल मंदिर में प्रवेश किया। इसके बाद जलस्तर कम होने पर 17 जुलाई को मंदिर का पट खोल दिया गया था, लेकिन अगले दिन 18 जुलाई को फिर से हनुमान जी का महास्नान हुआ।

 24 जुलाई को कम हुआ था जलस्तर

फिर 24 जुलाई को जब जलस्तर फिर से कम हुआ, तब मंदिर का पट फिर से खुल गया और भक्तों ने पूजा-अर्चना शुरू कर दी। लेकिन नागपंचमी के दिन यानी 29 जुलाई को हनुमान जी ने एक बार फिर महास्नान किया, जिससे मंदिर का पट बंद कर दिया गया। हनुमान जी के जल में स्नान करने के दौरान उनकी चल प्रतिमा, जो कि मूल प्रतिमा की एक रूपरेखा है, को मंदिर के कारिडोर के बाहर एक कमरे में रखा गया था। इस दौरान चल प्रतिमा की पूजा-अर्चना की गई।

जलस्तर कम होने और बढ़ने के कारण बड़े हनुमान जी के दर्शन-पूजन में यह उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। भक्त बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां आते हैं और भगवान की कृपा पाने की कामना करते हैं। अब जब पट खुल चुका है, तो श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं।