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अमित शाह के इलाहाबाद दौरे के पहले BJP में बगावत, इस कदम का हो रहा विरोध

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आगामी 27 जुलाई को गुरू पूर्णिमा के मौके पर इलाहाबाद के दौरे पर पहुंचेंगे।

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Amit Shah

अमित शाह

प्रसून पाण्डेय
इलाहाबाद. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का आगामी कुंभ से पहले संगम नगरी के दौरे पर पहुंच रहे है। इस दौरान भाजपा अध्यक्ष के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ के पूरी कैबिनेट होने की भी संभावना जताई जा रही है। पार्टी नेतृत्व के आगमन को लेकर एक तरफ जहां भाजपा के मंत्री सांसद विधायक और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं। वहीं बीजेपी में ही एक खेमा ऐसा भी है जो पार्टी नेतृत्व के कार्यक्रमों को लेकर अपनी नाराजगी जता रहा है। यह नाराजगी अमित शाह के प्रस्तावित बाघंबरी मठ दौरे को लेकर है। गौरतलब है कि आगामी कुंभ मेले की भव्य तैयारियां के बीच अमित शाह इलाहाबाद पहुंच रहे हैं। उनके दौरे के बाद सियासी सरगर्मी और बढ़ेगी जिसकी शुरुआत हो चुकी है।

अवसरवादी हैं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य स्थानीय राजनीति में अपना मजबूत कद रखने वाले नरेंद्र देव पांडे ने राष्ट्रीय नेतृत्व सहित पूरे कैबिनेट का बाघंबरी गद्दी मठ पर जाने को लेकर अपनी नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया है। नरेंद्र पांडे ने कहा कि बाघंबरी गद्दी मत को इतना महत्व देने की आवश्यकता नहीं, जितना केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश की सरकार दे रही है। उन्होंने कहा कि यह अवसरवादी लोग हैं, यह समाजवादी लोग हैं। यह मौकापरस्ती के चलते भाजपा जनता पार्टी का नाम जप रहे हैं। जब तक सत्ता है, तब तक यह आगे पीछे टहल रहे हैं। उसके बाद फिर अपने पुराने रंग में दिखेंगे।

मठ के कार्यक्रम का होगा बहिष्कार
उन्होंने कहा कि बाघंबरी गद्दी मठ के महंत समाजवादी पार्टी के सरकार के मंत्री रहे आजम खान शिवपाल यादव और मुलायम सिंह का जन्म दिवस उत्सव मनाते हैं। उनके यहां भाजपा नेतृत्व और कैबिनेट का जाना उचित नहीं। साथ ही उन्होंने बाघंबरी गद्दी मठ के महंत पर बड़ा हमला करते हुए पत्रिका से कहा कि अगर महंत नरेंद्र गिरि का बीता हुआ कल देखे तो इस गद्दी पर वह जबरन आसीन हुए हैं। हालांकि यह भी जोड़ा कि इससे उनका कोई लेना देना नहीं। फिर दोहराया कि केंद्रीय नेतृत्व को बाघंबरी गद्दी मठ पर जाना ठीक नहीं। इससे भाजपा का मूल कार्यकर्ता आहत है। साथ ही उन्होंने कहा की मठ पर अमित शाह के जाने से बड़ी संख्या में लोग वहां के कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।

अमित शाह करेंगे भस्म आरती
गौरतलब है कि अमित शाह आगामी 27 जुलाई को प्रयाग पहुंच रहे है। शाह गुरु पूर्णिमा को जूना अखाड़ा के मौज गिरी मंदिर में योग ध्यान केंद्र का शिलान्यास करेंगे। मौज गिरी मंदिर में स्थित और भृगु ऋषि द्वारा स्थापित प्राचीन शिवलिंग का अभिषेक कर भस्म आरती करेंगे। साथ ही संगम तट पर लेटे हुए हनुमान जी का दर्शन पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान अमित शाह भाजपा महानगर भाजपा जिला के कार्यकर्ताओं से बैठक कर पार्टी की गतिविधियों को लेकर चर्चा करेंगे साथ ही आगामी चुनाव के मद्देनजर दिशा निर्देश देने की भी संभावनाएं हैं।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा
बाघंबरी गद्दी मठ पर अमित शाह सहित पूरी कैबिनेट एक घंटे से ज्यादा समय तक रुकेगी। जिसमें बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरी के साथ जूना अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, पंच दसनामी अखाड़ा, उदासीन अखाड़ा, बड़े श्रीमाल अखाड़ा, सहित 13 अखाड़ों के महंत प्रतिनिधि बैठक में रहेंगे। जिसमें आगामी कुंभ को लेकर अमित शाह विस्तृत चर्चा करेंगे। अखाड़ा परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान अमित शाह के सामने संत समाज अपनी मांग रखेगा। जिनमें सौ साल से अधिक पुराने मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जाए, साथ ही श्रीराम जन्मभूमि में निर्माण प्रक्रिया को सरकार गति दे। देश भर में गौ हत्या पर पाबंदी लगे इस पर एक सख्त कानून बनाने की मांग की जाएगी। कुंभ से पहले इलाहाबाद को एक बार फिर प्रयागराज नाम से सुशोभित किया जाए। गंगा की अविरलता और निर्बलता को बनाए रखने के लिए सरकार उचित कदम उठाएं। साथ ही देशभर में संस्कृत विद्यालयों की मरम्मत करा कर खाली पड़े पदों पर भर्तियां की जाए।