
murder case
प्रयागराज। शहर के प्रख्यात चिकित्सक डॉ एके बंसल (DR A K BANSAL)हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। डॉक्टर बंसल की पत्नी वंदना बंसल ने सीबीआई जांच कराने की मांग की थीए जिसकी आंख्या शासन को भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। 12 जनवरी 2017 को डॉ ए के बंसल की उनके ही निजी अस्पताल में उनके चैंबर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।शहर के प्रतिष्ठित और प्रदेश के हाईप्रोफाइल हत्याकांड मामले में पुलिस अब तक खाली हाथ है। इस मामले में सपा के तत्कालीन मंत्री सहित भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष का नाम भी सामने आया। यही नहीं इस मामले में छोटा राजन के करीबियों सहित प्रदेश में आतंक का पर्याय बने कई अपराधियों और शूटरों को भी उठाया गया हालांकि किसी का कनेक्शन इस हत्याकांड से नहीं जुड़ा।
डॉ बंसल हत्याकांड ने देश भर में हड़कंप मचा दिया था।डॉ बंसल प्रसिद्ध चिकित्सक के साथ में एक बड़े व्यवसाई भी थे। उनकी हत्या के बाद उनके तमाम विवाद सामने आए जिनमें प्रापर्टी का विवाद सहित सीतापुर स्थित महर्षि विश्वविद्यालय में करोंडो के लेंन देंन का मामला सामने आया । अस्पताल में इलाज के मौतों का विवाद भी संदिग्ध माने जा रहे थे। डॉक्टर बंसल की हत्या कांड के बाद मौके पर पहुंची पर फॉरेंसिक टीम ने चेंबर की फट से 32 बोर के चार को के बरामद किए थे अस्पताल में लगे सीसीटीवी एचेंबर में लगा सीसीटीवी कैमरा चेक किया गया । जिसको एक दो नकाबपोश संदिग्ध लोगों को अंदर आते हुए देखा गया भला क्यों की पहचान नहीं हो सकी।
डॉ बंसल कई अस्पताल का संचालन करते थे । डॉ बंसल करोड़ों की मिल्कियत की प्रॉपर्टी है । जिस पर अपराधियों सहित तमाम लोगों की नजर थी। मामले के खुलासे में जुटी पुलिस का दावा है की इस मामले में एक लाख फोन नंबरों को खंगाला गया था। पुलिस के आंकड़ों कि माने तो तो 3600 लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया। हत्याकांड में कीडगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआई आर दर्ज हुई थी ।क्राइम ब्रांच एसटीएफ(STF) की दर्जन भर टीम जांच में लगाई गई । अब तक कई कप्तान और पुलिस अधिकारी बदले जा चुके है। हालाकि अब सीबीआई जाँच के आसार से माना जा रहा है की हाईप्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री सुलझ सकेगी ।
हत्याकांड समाजवादी पार्टी के तत्कालीन मंत्री मनोज पाण्डेय का भी नाम भी सामने आया। कहा गया की महर्षि विश्वविद्यालय (Maharishi University)में करोड़ो के लेन देन को लेकर दोनों लोगों में विवाद था।लेकिन इस मामले में मनोज पाण्डेय से पूछताछ हुई नही हुई, उन्होंने मिडिया को बताया था की जिस विवाद में नाम लिया जा रहा है वहां मेरी पत्नी को मेरे मंत्री बनने से एक माह पहले ही शासन ने यूनिवर्सिटी का वी सी बनाया था। डॉक्टर बंसल इस फैसले को निरस्त करवाने के लिए मुझसे मिले थे। उन्होंने मेरे ऊपर जितने आरोप लगाए थे सब बेबुनियाद है।वही सूबे के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के तत्कालीन प्रदेश केशव प्रसाद मौर्य का भी नाम उछला हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया के सामने आकर कहा कि जिस अस्पताल की वजह से उनका नाम प्रकरण में लिया जा रहा है। वह गलत है उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टर बंसल उनके अच्छे मित्र थे। उनका किसी भी तरह से कोई विवाद नहीं था। प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए केशव प्रसाद मौर्या ने मामले की जांच की मांग की थी और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
बंसल हत्याकांड में जिन हाईप्रोफाइल शूटरों को उठाया गया और में नीरज बाल्मीकिए छोटू ओझा राजा पांडे का नाम सामने आया। इनमें से कुछ ने तो कुबूल भी लिया थाए कि डॉक्टर बंसल की हत्या हमने की है। हालांकि जब सख्ती से पूछताछ हुई तो पता चला कि अपना नाम कमाने के लिए सूत्रों ने झूठा कुबूल किया था जिससे उनका जरायम की दुनिया में नाम बढ़ जाए और उनका धंधा और आगे बढ़े।
डॉ बंसल की पत्नी वंदना बंसल डॉक्टर बंसल हत्याकांड के बाद से मीडिया से दूर रहीं। हालांकि उन्होंने जब भी मीडिया से बात की उन्होंने कहा की हर तरफ से आश्वासन ही दिया गया। कही से न्याय नहीं मिला। सत्ता परिवर्तन के बाद उम्मीद थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर अपनी गुहार लगाई लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिला। कीडगंज इंस्पेक्टर अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि डॉ वंदना बंसल से मुलाकात हुई है। उनको इस बात की जानकारी दी गई है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी है।अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि एस आई आर की कॉपी और पेपर शासन को मुहैया कराने का काम चल रहा है जल्द ही वह भेज दी जाएगी।
Published on:
25 Jul 2019 01:58 pm
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
