
एयरपोर्ट पर शुरू होगी चेहरा पहचान प्रणाली, हवाई यात्रा में बोर्डिंग पास ही बनेगा यात्री का चेहरा
प्रयागराज. कोरोना संक्रमण (COVID-19) के बढ़ते खतरे को टालने के लिए तमाम कंपनियां डिजिटल प्लैट्रफॉर्म का सहारा ले रही हैं। इसी तर्ज पर देश में जल्द ही डिजी यात्रा की शुरूआत की जाएगी जिसमें यात्रियों का चेहरा ही उनके बोर्डिंग पास के तौर पर काम करेगा। प्रयागराज एयरपोर्ट समेत देश के कई एयरपोर्ट इस योजना पर काम करने को योजना बना रहे हैं। यहां यात्रियों के प्रवेश के लिए प्रयोग के तौर पर चेहरा पहचान प्रणाली शुरू की जाएगी। पिछले दिनों ही देश के कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट पर यह सुविधा लागू करने का निर्णय लिया गया।
एयरपोर्ट अथॉरिटी प्रशासन ने कोरोना के संक्रमण को टालने के लिए पेपरलेस टेक्नोलॉजी से काम करने की योजना शुरू की है। इसमें अनलॉक के दौरान हवाई अड्डे पर प्रेवश के दौरान पहचान पत्रों की जरूरत नहीं पड़ेगी। सुरक्षा जांच के लिए यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि पांच सेकंड से भी कम समय में बॉडी स्कैनर से गुजरते ही वे सुरक्षा की बाधाओं से पार हो जाएंगे। डिजी यात्रा का पायलट प्रोजेक्ट मुंबई और हैदराबाद में कुछ चयनित उड़ानों के लिए शुरू किया गया था। प्रयोग सफल होने पर इसका अब विस्तार किया जा रहा है।
टिकट बुकिंग में यूनिक आईडी का इस्तेमाल
टिकट बुकिंग के लिए यात्रियों को यूनिक आईडी बनवानी होगी। इसके लिए अपना नाम, ई-मेल, मोबाइल नंबर व पहचान पत्र जैसे आधार आधार का इस्तेमाल किया जाएगा। टिकट बुकिंग में इस आईडी का इस्तेमाल किया करना होगा। इसके बाद यात्रा से पहले एयरलाइंस कंपनी यात्री के विवरण को उस एयरपोर्ट से साझा करेगी, जहां से उसे उड़ान भरनी होगी। पहली बार उड़ान भरने पर आईडी की जांच होगी। इसके बाद बायोमीट्रिक मशीन से चेहरे से बायोमीट्रिक कर उसकी आईडी से जोड़ दिया जाएगा। एक बार यह प्रक्रिया सफल होने के बाद यात्री को बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान प्रमाण पत्र नहीं दिखाना पड़ेगा। बता दें कि प्रदेश में सबसे पहले यह सुविधा वाराणसी में शुरू होगी। इसके बाद प्रयागराज, गोरखपुर एयरपोर्ट यह सुविधा दी जाएगी।
Published on:
18 Aug 2020 09:04 am
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