
ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश
प्रयागराज में एसओजी और नैनी पुलिस ने नौकरी के झांसे में लोगों को ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 15 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। उनके पास से एक कार, दर्जनभर मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए हैं। सभी आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और नैनी में एक मकान किराए पर लेकर अपना सिंडिकेट चला रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों में नागौर निवासी प्रेमाराम, मुकुंदगढ़ के चेतन, अलवर के संदीप, ईश्वर सिंह और हेम सिंह शामिल हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाया गया था। लगभग 15 दिन पहले जब वे प्रयागराज जंक्शन पहुंचे, तो रैपीडो से एक निश्चित स्थान पर ले जाया गया। आरोपियों ने प्रतिमाह 26,000 रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर और 1,100 रुपये फॉर्म भरने के नाम पर जमा करवाए।
इसके बाद पीड़ितों को एक कमरे में बंधक बना दिया गया और 18 हफ्ते प्रशिक्षण के नाम पर वहां रहने के लिए कहा गया। बाद में उनसे उनके रिश्तेदारों के नंबर लेकर उन्हें फोन किया गया कि उनकी सरकारी नौकरी लग गई है।
नौकरी का झांसा देकर लोगों को बुलाने वाले आरोपियों के बारे में पुलिस ने बताया कि वे कहते थे, “तुम लोग भी आओ, नौकरी मिल जाएगी।” इसके बाद और भी लोग वहां पहुंच जाते थे, जिन्हें भी बंधक बना लिया जाता था। कुछ समय बाद उन्हें यह कहकर छोड़ दिया जाता था कि आप इंटरव्यू में फेल हो गए हैं और आपकी नौकरी नहीं लग पाएगी। मौके पर पीड़ितों के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अभी अन्य पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है।
अभियुक्तों को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी चाका भेजा गया। इंस्पेक्टर नैनी ब्रिज किशोर गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान निवासी रविंद्र कुमार, अनीश, अमित कुमार, सुमित कुमार, सोनू विश्वकर्मा, राजूराम, राजकुमार रोयल, सोनू यादव, विश्वजीत, शिवराज सिंह, सुमित, बालाराम मीणा, मोहित, साहिल और मनोज शामिल हैं। वहीं प्रियांशु राव और विजय चौहान मौके से फरार हो गए हैं।
Published on:
24 Sept 2025 09:39 pm
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