
दोस्ती का दबाव
प्रयागराज के घूरपुर इलाके से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़की को तीन युवकों ने तीन साल तक बंधक बनाकर उसके साथ बार-बार गैंगरेप किया और उसका धर्म परिवर्तन भी करा दिया।मामले की जानकारी मिलते ही पीड़िता के साथ विश्व हिंदू परिषद और कई अन्य संगठन घूरपुर थाने पहुंचे। पुलिस ने तीन नामजद और पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला दर्ज किया है। फिलहाल दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
बताया जा रहा है कि 14 वर्षीय पीड़िता और उसका 10 साल का भाई कुछ साल पहले माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गए थे। आरोप है कि पड़ोसी गांव उभारी के निवासी आलम, आतिफ और मुमताज आलम ने तीन साल पहले दोनों को होटल में काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले गए। कुछ दिन तक काम कराने के बाद आरोपियों ने किशोरी को अपने घर ले जाकर कैद कर लिया और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। इस दौरान अन्य पांच अज्ञात लोगों ने भी लड़की के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसे नशीला पदार्थ पिलाकर पीटा जाता था।आरोप है कि आरोपियों ने उसका आधार कार्ड भी बदलवा दिया और उसे हिन्दू से मुस्लिम पहचान दे दी।
प्रयागराज के घूरपुर इलाके में मंगलवार रात एक नाबालिग लड़की किसी तरह भागकर अपने गांव पहुंची। उसने अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई, जिसे सुनकर गांव के लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद समेत कई संगठनों के पदाधिकारी लड़की के साथ थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विहिप के यमुनापार जिला उपाध्यक्ष शिवदत्त मिश्र, जिला मंत्री रवि तिवारी, जिला संयोजक शुभम पांडेय, जिला सहमंत्री मनोज सिंह और सह संयोजक मनीष सहित अन्य नेता मौजूद थे।
थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान भी थाने पहुंचे और किशोरी से पूछताछ की। पुलिस ने विहिप के चिरौंजीलाल की तहरीर पर तीन नामजद और पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
इस बीच, पीड़िता का छोटा भाई अब भी लापता है। माता-पिता की मौत के बाद दोनों अनाथ हो गए थे और आरोपियों ने उनकी इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें अपने पास ले लिया था। जहां किशोरी सुरक्षित लौट आई, वहीं उसके छोटे भाई का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे परिजन और गांववाले चिंतित हैं।
Updated on:
10 Oct 2025 12:15 pm
Published on:
10 Oct 2025 12:15 pm
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