
नागा
प्रयागराज. कुंभ में वसंत पंचमी के शाही स्नान में बाबाओं व नागाओं की शाही सवारी के अलावा उनके करतब, कारनामे व वेशभूषा ने भी श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित किया। संगम तट पर पहुंची विभिन्न अखाड़ों की सवारी में शामिल वाहनों को इस तरह सजाया गया कि वह देखने में किसी शाही रथ से कम नहीं लगे।
प्रशासनिक व्यवस्था के तहत बाबाओं को सवारी दूर ही छोडक़र संगम तट तक पैदल ही चलना पड़ा। करीब आधा किलोमीटर की यह दूरी स्नान से पहले और स्नान के बाद उनके हैरत भरे करतबों और कारनामों के चलते कम ही जान पड़ी।
बाबाओं और नागाओं का करतब व कारनामा लोगों को रोमांचित कर देने वाला रहा। कोई तलवार व त्रिशूल की कलाबाजी से श्रद्धालुओं का ध्यान आकृष्ट करता तो कोई सिर के बल खड़ा होने के साथ हाथों पर चलने का करतब दिखाता। कोई दोनों पैर कंधों पर रखकर हाथ के बल संगम तट की ओर बढ़ता दिखा तो कोई जटाओं का कमाल दिखाता देखा गया। भगवान शिव की तरह तांडव करने व दौड़ लगाकर गंगा में छलांग लगाने जैसा कारनामा भी श्रद्धालुओं के ध्यानाकर्षण का कारण बना।
इतना ही नहीं साधु-संतों व नागाओं की वेशभूषा भी लोगों का ध्यान आकृष्ट करने का प्र्रमुख कारण बना। रूद्राक्ष की मालाओं से लदे और भभूत व चांदी में लिपटा पूरी तरह सफेद हो चुके बाबाओं का शरीर आकर्षण का केंद्र बना रहा।
BY- AJIT SHUKLA
Published on:
10 Feb 2019 04:32 pm
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