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अमित शाह को काला झण्डा दिखाने वाली नेहा यादव लड़ेगी चुनाव, ये पार्टी देगी टिकट

नेहा यादव ने अमित शाह को इलाहाबाद दौरे के समय काफिले के सामने आकर दिखाया था काला झण्डा, पुलिस ने बाल पकड़कर घसीटा था, बेंत से मारा था।

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Neha Yadav

नेहा यादव

इलाहाबाद. भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को काला झंडा दिखाने वाली नेहा यादव रिहाई के बाद एक बार फिर सुर्खियों में है। अपने इस बदम से नेहा सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गयी है। रिहाई के बाद नेहा की चर्चा और ज्यादा होने लगी है। वजह, नेहा यादव अगला चुनाव लड़ने जा रही है। नेहा का चुनाव लड़ना तय हो गया है। एक बड़ी सियासी पार्टी नेहा को टिकट देगी। नेहा ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। रिहाई के बाद नेहा को रिसीव करने के लिये एक बड़ा काफिला गया थ। छूटकर आयी नेहा का भव्य स्वागत किया गया था।

नेहा दरअसल देश के महत्वपूर्ण केन्द्रीय विश्ववि़द्यालय इलाहाबाद युनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ेगी। सोशल साइट पर नेहा ने इसका न सिर्फ ऐलान कर दिया है, बल्कि उसके पोस्टर भी साइट पर आने लगे हैं। इसको लेकर विश्वविद्यालय की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों के बीच नेहा यादव चर्चा में है। नेहा के नाम के चर्चे तभी शुरू हो गए थे जब उसकी गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी सहित समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता और नेता लामबंद हुए थे। इसके बाद दूसरे ही दिन नेहा को जमानत मिल गयी और वह रिहा हो गयी।

नेहा यादव IMAGE CREDIT: Patrika

समाजवादी छात्रसभा के लिए बना बड़ा चेहरा
नेहा यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय के फूड टेक्नोलॉजी से शोध कर रही है। उसकी रिहाई के बाद सोशल साइट पर डाले गए उनके पोस्टर को लेकर छात्र संगठनो में खलबली मची है। दरअसल इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ऋचा सिंह ने बतौर अध्यक्ष चुनाव जीतकर छात्राओं के लिए ऐतिहासिक छात्रसंघ के दरवाजे खोल दिए। इसके बाद से सभी छात्र संगठनों को महिला उम्मीदवार की तलाश रहती है। जिस तरह से नेहा ने सियासत में आने से पहले ही सुर्खियां बटोरी हैं, उससे माना जा रहा है कि समाजवादी छात्र सभा के बैनर पर एक मजबूत उम्मीदवार मिलने जा रहा है।

नेहा यादव IMAGE CREDIT: (Neha facebook)

भाजपा के सबसे ताकतवर नेता का किया विरोध
नेहा यादव कि सोशल साइट पर पोस्टर डालने के बाद तरह.तरह की चर्चाएं शुरु हो गई हैं। बताया जा रहा है कि नेहा पर पहले भी इलाहाबाद और बनारस में मामले दर्ज किए गए हैं पर उन मामलों का उल्लेख तत्कालीन मामले में नहीं किया गया और नेहा को जमानत मिल गई। पर जिस तरह से नेहा यादव ने भाजपा और सरकार के सबसे ताकतवर नेता का विरोध करके सुर्खियां बटोरी हैं और उनके समर्थन में समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित कई लोग आए हैं। ऐसे में आने वाला छात्र संघ चुनाव रोमांच भरा होगा।

पहले भी सपा कार्यकर्ताओं ने दिखाए है काले झंडे
सियासत में पांव जमाने के लिए इसके पहले भी इलाहाबाद में बड़े नेताओं को काले झंडे दिखाने का बड़ा कारनामा हुआ है। बता दें कि 14 नवंबर 2011 राहुल गाँधी की आमसभा थी। इसमें राहुल गांधी को सपा नेता अभिषेक यादव ने हेलीपैड के पास जाकर काला झंडा दिखाया था। जिसके बाद राहुल को रिसीव करने गए कांग्रेस के दिग्गज नेता तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद व आरपीएन सिंह विधायक प्रमोद तिवारी तथा एमएलसी नसीब पठान ने अभिषेक यादव को जमीन में गिरा कर मारा था। इस घअना के बाद अभिषेक यादव भी प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में आ गए थे। फिलहाल अभिषेक अखिलेश यादव की टीम के सक्रिय सदस्य उनके बेहद करीबी माने जाते हैं।
By Prasoon Pandey