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Atiq Ashraf Murder: साबरमती जेल से निकलते ही शुरू हो गया था ‘ऑपरेशन अतीक’, 20 दिन इंतजार और फिर…

Atiq Ashraf Murder: माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या प्रदेश ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब एसआईटी की पूछताछ में कुछ अहम जानकारी सामने आई है।

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Operation Ateeq started as soon as he came out of Sabarmati Jail

File Photo

माफिया अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड की जांच में आए दिन नए तथ्य उजागर हो रहे हैं। कैमरे के सामने पुलिस हिरासत में हुआ ये हत्याकांड प्रदेश ही नहीं बल्कि आसपास के राज्यों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब एसआईटी की पूछताछ में कुछ अहम जानकारी सामने आई है।

जांच में सामने आया है कि शूटरों का 'ऑपरेशन अतीक' माफिया के साबरमती जेल से प्रयागराज के लिए रवाना होने के साथ ही शुरू हो गया था। शूटर पल-पल की अपडेट ले रहे थे। अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर होते ही तीनों शूटर प्रयागराज आ पहुंचे। SIT सोर्सेस के मुताबिक, तीनों शूटर्स ने पूछताछ में बताया है कि वे 13 अप्रैल से लेकर हत्या की रात तक अतीक-अशरफ पर नजर रख रहे थे। दोनों की रेकी करने के बाद वे वापस होटल में आ जाते थे। 15 अप्रैल की रात तीनों शूटर कॉल्विन हॉस्पिटल के बाहर पहले से ही मौजूद थे। शूटर्स ने बताया कि वो ई-रिक्शा से अतीक-अशरफ की रेकी के लिए जाते थे।

शूटर हत्याकांड से तीन दिन पहले पहुंच गए थे प्रयागराज
एसआईटी की पूछताछ में साफ हो चुका है कि तीनों शूटरों को दो मददगार हर गाइड कर रहे थे। इनमें से एक मददगार स्थानीय है, जबकि दूसरा बाहरी। उसी ने रास्तों से परिचय कराया। शक है कि इसी ने बताया था कि कहां पर शूटर ठहरें। स्थानीय मदद का लाभ उठाते शूटर हत्याकांड से तीन दिन पहले यहां पहुंच गए और खुल्दाबाद थाने से लगे ऐसे होटल में ठहरे, जहां से कॉल्विन अस्पताल की दूरी चंद मिनटों में तय की जा सकती है।

2200 रुपये का था कमरा
माफिया के हत्यारे शहर में कब दाखिल हुए और किन लोगों से उनकी मुलाकात हुई? मंडलीय अस्पताल के नजदीक होटल में उनके ठहरने का बंदोबस्त किसने कराया? इनका सटीक जवाब आना अभी बाकी है। प्रयागराज जंक्शन के सामने स्थित होटल स्टे-इन में तीनों शूटरों के ठहरने के लिए एग्जीक्यूटिव कैटेगरी का कमरा चार्ज 2200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बुक कराया गया था। जिस कमरा नंबर-203 में तीनों शूटर ठहरे थे, उसकी चाबी अतीक-अशरफ हत्याकांड के अगले दिन (16 अप्रैल) से एसटीएफ के पास है।

होटल की सीसीटीवी फुटेज सा‌थ ले गई पुलिस
होटल प्रबंधन के अनुसार, हत्या के दूसरे दिन ही पुलिस होटल आई थी। तीनों युवक जिस कमरे में ठहरे थे, वहां की तलाशी लेने के बाद कमरे की चाबी और होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग (डीवीआर), आगंतुक रजिस्टर, शूटरों की आईडी व अन्य रिकॉर्ड भी पुलिस ले गई थी।

अलग-अलग निकलते थे होटल से
होटल प्रंबधक के मुताबिक, तीनों युवक 13 अप्रैल की रात 8:30 बजे होटल में दाखिल हुए थे। उसके बाद तीन दिन तक सभी बाहर गए जरूर, लेकिन बारी-बारी से। तीनों कभी भी एक साथ बाहर आते-जाते नहीं दिखे। बाकी अपनी जरूरतों के हिसाब से नाश्ता, खाना, पानी की बोतलें या कॉफी होटल की रूम सर्विस सेवा के जरिए मंगा लिया करते थे।

माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात प्रयागराज में हत्या कर दी गई है। पुलिस उन्हें अस्पताल में मेडिकल टेस्ट के लिए ले जा रही थी। पत्रकार साथ-साथ चलते हुए अतीक से सवाल कर रहे थे। इसी बीच तीन युवक मीडियाकर्मी बनकर पुलिस का सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए आए और अतीक के सिर में गोली मार दी। इसके बाद अशरफ पर फायरिंग की। दोनों वहीं ढेर हो गए।