
Patient Death after Being Given one Unit Fake Blood Transfusion
प्रयागराज. संगमनगरी में नकली खून के कारोबार का खुलासा हुआ है। यहां नर्सिंग होम में एक मरीज के परिजन ने दलाल से दो यूनिट खून लिया। लेकिन सिर्फ एक यूनिट चढ़ने के बाद ही मरीज की मौत हो गई। बचे हुए एक यूनिट को लेकर मृतक के रिश्तेदार सरकारी अस्पताल में वापस करने पहुंचे। उसे सरकारी टीबी यानी बेली ब्लड बैंक वापस करने पहुंचे। वहां जांच करने पर पता चला कि यह खून उनके ब्लड बैंक का नहीं है। यानी कि खून के पैकेट पर जिस ब्लड बैंक का स्टीकर लगा था वह वहां का नहीं था।
ब्लड बैंक नंबर भी गलत
इरशाद अली नाम के एक मरीज का नर्सिंग होम में इलाज चल रहा था। उसे दमे की बीमारी थी। डॉक्टर ने तत्काल दो यूनिट ब्लड चढ़ाने को कहा था। नर्सिंग होम के माध्यम से ही तीमारदार किसी दलाल से संपर्क कर आठ हजार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से दो यूनिट ब्लड लाकर डॉक्टर को दिए। एक यूनिट ब्लड मरीज को चढ़ाया गया। इस बीच उसकी मौत हो गई। एक यूनिट ब्लड जो बचा उस पर बेली ब्लड बैंक का रैपर लगा था। ऐसे में मृतक का रिश्तेदार उसे लेकर बेली ब्लड बैंक पहुंचा। ब्लड देखने से ही काला दिख रहा था, आशंका होने पर रजिस्टर में मिलान किया गया तो ब्लड बैंक नंबर गलत मिला। रजिस्टर में मरीज का नाम भी नहीं था।
मामले की जांच होगी
बेली अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमके अखौरी ने कहा कि कुछ गिरोह नकली खून का कारोबार कर रहे हैं। ब्लड बैंक के नाम पर नकली ब्लड बैंक बनवाकर उसमें नकली खून डालकर बेचा जा रहा है। मामला संज्ञान में आया है। पुलिस को जानकारी दी गई है। मामले की जांच होगी।
Published on:
15 Jan 2022 05:51 pm
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