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संतों को जहर देकर मारने की थी साजिश, पुलिस ने किया गिरफ्तार

प्रयागराज का एक युवक निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद समेत कई संतों की हत्या की साजिश रच रहा था।

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प्रयागराज में एक युवक हत्या की साजिश के आरोप में पकड़ा गया है। युवक पर संतों को जहर देकर उनकी हत्या की साजिश का आरोप लगा है। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद समेत कई संतों की हत्या की साजिश रच रहा था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और एसटीएफ की टीमें आरोपी से पूछताछ कर रही हैं।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी विक्रम परी अखाड़ा को मान्यता दिलाने के नाम पर त्रिकाल भवंता को ठगने आया था। विक्रम के खिलाफ नैनी पुलिस ने रविवार रात FIR दर्ज कर ली है। उस पर हत्या की साजिश रचने, ठगी और फर्जीवाड़ा करने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

2 फर्जी आधार कार्ड हुए बरामद
आरोपी बागपत निवासी विक्रम से पुलिस ने विक्रम और योगेंद्र के नाम के 2 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी की मोबाइल का गूगल हिस्ट्री चेक किया तो पता चला कि विक्रम ने परी अखाड़े की संपत्ति कितनी है यह सर्च किया था।

पूछताछ में किया अपना जुर्म कबूल
इसके अलावा त्रिकाल भवंता की प्रॉपर्टी की जानकारी जुटाई थी। पुलिस ने जब यह हिस्ट्री दिखाई तो विक्रम ने अपना जुर्म कबूल किया। उससे पहले विक्रम से पूछताछ की गई, आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद या किसी संत को जहर देने क्यों देना चाहते हो तो वह साफ इनकार कर दिया।

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संतो को मारने का कर रहा था प्लान
वहीं, महिला संत त्रिकाल भवंता ने बताया, “आश्रम में शनिवार को विक्रम सिंह नाम का एक युवक पहुंचा था। उसने त्रिकाल भवंता को जानकारी दी कि 1 जनवरी को हरिद्वार में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के सम्मान में होने वाले समारोह में भोज का आयोजन किया जा रहा है। उसमे वह खाने में जहर डालकर स्वामी कैलाशानंद समेत सभी संतो को मारने की साजिश रच चुका है।”

बदला लेने के लिए करना चाहता था हत्या
विक्रम ने बताया की उससे नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये लिए गए थे। ना तो नौकरी दी गई और ना ही पैसे वापस किए गए। इसी का बदला लेने के लिए वह स्वामी कैलाशानंद की हत्या करना चाहता है। इस बात की जानकारी साध्वी त्रिकाल भवंता ने पुलिस को दे दी। इसके बाद नैनी थाना पुलिस ने आश्रम पहुंचकर युवक को गिरफ्तार कर लिया।

प्रयागराज के करछना एसीपी अजीत सिंह चौहान ने कहा, पकड़ा गया युवक शुरुआती पूछताछ में ठग समझ आ रहा है। वह इस तरह की सनसनी फैलाकर साध्वी त्रिकाल भवंता से कुछ पैसे ऐंठना चाहता था। संदिग्ध युवक और उसके दावे के बारे में हर एंगल पर जांच पड़ताल की जा रही है।