
इलाहाबाद हाईकोर्ट
प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के 6 जिले में कोली जाति से अपने को सम्बोधित करने वाले हिन्दू जुलाहा, कबीरपंथी व बुनकरों को कोरी ( एस सी) का सर्टिफिकेट मिलेगा । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 6 नवम्बर 18 को इस प्रकार का सर्टिफिकेट जारी किए जाने के प्रदेश सरकार के निर्णय को सही माना है और इस सरकारी फैसले के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दिया है ।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर व न्यायाधीश वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राजकुमार की जनहित याचिका को खारिज करते हुए दिया है । याचिका दायर कर कहा गया था कि उत्तर प्रदेश में कोरी एस सी में आते है और इसी कारण उन्हें प्रदेश में एस सी का सर्टिफिकेट जारी किया जाता है ।कहा गया था कि प्रेसिडेन्सिएल आर्डर में भी कोरी शब्द लिखा है, ऐसे में कोरी को ही प्रदेश में एससी का सर्टिफिकेट पाने का अधिकार है ।
कोर्ट का कहना था कि सरकार ने 6 नवम्बर 18 को जो शासनादेश जारी किया है उसके अनुसार कोरी अनुसूचित जाति के वे तथाकथित व्यक्ति जो अपने को हिन्दू जुलाहा, कबीरपंथी, बुनकर, कोली जाति से अपने को सम्बोधित करते हैं, उन व्यक्तियों को एस सी का सर्टिफिकेट निर्गत किए जाने के बारे में है । ये लोग कोरी है परन्तु इन 6 जिलों सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, रामपुर, बागपत, फिरोजाबाद में कोली नाम से पुकारे जाते हैं ।
हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार के इस शासनादेश में कोई गलती नहीं है और इस कारण याचिका खारिज कर दिया ।
BY- Court Corrospondence
Updated on:
09 Dec 2018 05:07 pm
Published on:
09 Dec 2018 05:06 pm
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