
शाइस्ता, असद और अतीक
संस्कृत में एक कहावत है,"देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र" इसका मतलब यह है कि पूत कपूत हो सकता है लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती है। शाइस्ता परवीन उमेश पाल के मर्डर में आरोपी जरूर है। लेकिन एक मां की हैसियत से अगर देखें तो शाइस्ता के लिए असद को आखिरी बार न देख पाना उसे जिंदगी भर कचोट रहेगा। फिलहाल शाइस्ता इस समय फरार हैं।
डर से शाइस्ता ने खुद को नहीं किया सरेंडर
एक महिला के के नजरिए से देखें तो 3 दिन के अंदर ही शाइस्ता ने अपने बेटे और पति को खो दिया। खुद के पकड़े जाने के डर से शाइस्ता ने खुद को सरेंडर तक नहीं किया। शाइस्ता पर कई आरोप हैं। लेकिन अगर एक मां की नजरों से देखा जाएं तो इस दुनिया में उससे बड़ा बदनसीब शायद ही कोई होगा। जो नहीं अपने बेटे और ना ही अपने पति का आखरी बार चेहरा देख पाई।
शाइस्ता के दो बेटा जेल में है। दो नाबालिग है जिसे पुलिस देखरेख कर रही है। शाइस्ता सरेंडर क्यों नहीं कर रही हैं उमेश पाल की हत्या में उनका कितना रोल है ये सभी जांच का हिस्सा हैं, लेकिन इस खूनी खेल में शाइस्ता ने जो खोया है ये एक मां और पत्नी ही समझ सकती है। शाइस्ता परवीन पर इनाम की राशि 50 हजार रुपए है।
शाइस्ता ने अतीक से भी किया था झगड़ा
असद के एनकाउंटर के बाद असद की मां शाइस्ता परवीन बेटे को आखिरी बार देखना चाहती थी, लेकिन एक मां होने के नाते ये उसकी बदकिस्मती ही कहेंगे कि वो ऐसा नहीं कर पाई। खबरों के अनुसार, उमेश पाल की हत्याकांड में असद के शामिल होने पर शाइस्ता ने अतीक से झगड़ा भी किया था। जिस पर अतीक ने कहा था कि वो शेर है। ऐसा लगता है कि आम महिला की तरह शाइस्ता भी पति अतीक की सनक के आगे मजबूर थीं।
बेटे के एनकाउंटर के 48 घंटे बाद प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद-अशरफ की लाइव टीवी पर हत्या कर दी गई। यह घटना 15 अप्रैल शनिवार रात साढ़े दस बजे की है। 3 हमलावरों ने दोनों भाई को मौत के घाट उतार दिया। अतीक-अशरफ को गोली से छलनी करने के बाद आरोपी दोनों हाथ खड़े करके खुद को सरेंडर कर दिया। शाइस्ता अभी भी फरार हैं।
Updated on:
19 Apr 2023 02:18 pm
Published on:
19 Apr 2023 02:17 pm
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