
Maha Kumbh Fire Terrorist Connection: महाकुंभ में 19 जनवरी को शाम करीब साढ़े चार बजे लगी आग की जांच ATS और NIA के हाथ में सौंपी गई हैं। जांच एजेंसियों के निशाने पर करीब 1000 से भी ज्यादा संदिग्ध हैं। उनके मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट को ट्रेस किया जा रहा है। उसी आधार पर उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एटीएस ने वाराणसी में 10 लोगों को हिरासत में लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके साथ ही, एटीएस ने मेला क्षेत्र के 600 सीसीटीवी फुटेज की जांच की है। इन फुटेज को फिल्टर करने पर कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। उनकी शिनाख्त और जांच के लिए 8 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, एटीएस ने संदिग्धों से संबंधित जानकारी मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार सहित कई राज्यों की पुलिस को साझा की है।
वाराणसी एटीएस ने जैतपुरा के निवासी और NSUI नेता शाहिद जमाल के बेटे सिराजुद्दीन को नोटिस भेजा था। सोमवार को उसे अशोक विहार कॉलोनी स्थित एटीएस कार्यालय में पेश होने के लिए बुलाया गया, जहां उससे करीब तीन घंटे तक पूछताछ हुई। सिराजुद्दीन 19 जनवरी को महाकुंभ मेला क्षेत्र में मौजूद था और उसने सोशल मीडिया पर लाइव आकर वहां की जानकारी साझा की थी।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में हुई आगजनी की जिम्मेदारी आतंकी संगठन खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने ली है। KZF ने ईमेल के माध्यम से दावा किया कि यह घटना पीलीभीत में हुए एनकाउंटर का बदला थी। साथ ही, संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया गया है।
महाकुंभ मेले के झूंसी क्षेत्र की टेंट सिटी में आग लगने से बड़ा हादसा हुआ था। यह घटना रेलवे ब्रिज के पास हुई थी जहां टेंट सिटी का एक बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया था। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई थी। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां तुरंत पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया था । आग लगने के कारणों की जांच अभी जारी है।
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Updated on:
22 Jan 2025 09:31 pm
Published on:
22 Jan 2025 09:31 pm
