दरअसल 6 मई को विभागीय अधिकारियों द्वारा शस्त्रागार की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान जब शस्त्रों की जांच हुई तो पता चला कि एक 9 एमएम की पिस्टल व 9 एमएम के 35 कारतूस गायब हैं। अधिकारियों को पहले तो विश्वास नहीं हुआ। ऐसे में उन्होंने दोबारा शस्त्रों की चेकिंग की। दोबारा चेकिंग में भी गायब चीजें नहीं मिलीं।