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Astro Tips: साधारण नहीं होती है दीपक की लौ, देती है भविष्य के ये बड़े संकेत!

Deepak ki Lau Sanket: दीपक की लौ हमें भविष्य से जुड़े कई संकेत देती है। विस्तार से समझते हैं ज्योतिष में इसे लेकर क्या बातें बताई गईं हैं।

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भारत

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Adarsh Thakur

Feb 05, 2026

Deepak ki Lau Kya Sanket Deti Hai

Deepak ki Lau kya Sanket deti hai: दीपक की लौ के संकेत। (PC: AI)

Deepak ki Lau ke Sanket: भारतीय संस्कृति में दीपक को ज्ञान और 'प्रकाश का पुंज माना जाता है। दीप प्रज्वलन के बिना कोई भी पूजा या अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि 'दीपज्योति: परब्रह्म' अर्थात् दीपक की लौ साक्षात ईश्वर का रूप है।

लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि, पूजा के दौरान आपके दीपक की लौ किस तरह व्यवहार करती है? कभी यह तेजी से ऊपर उठती है, कभी शांत रहती है तो कभी अचानक बिना हवा के कांपने लगती है। ज्योतिष और शगुन शास्त्र के अनुसार, दीपक की लौ की हर हलचल में एक गहरा और अर्थपूर्ण संकेत छिपा होता है।

जब दीपक की लौ अचानक ऊपर की ओर उठे

अगर आप पूरी श्रद्धा के साथ पूजा कर रहे हैं और दीपक की लौ सामान्य से ज्यादा ऊंची उठने लगे, तो यह एक शुभ संकेत है। इसका मतलब होता है कि, आपकी भक्ति सफल हो रही है और आपके आराध्य देव आपकी पुकार सुन रहे हैं। शास्त्रों के मुताबिक, ऊपर उठती हुई लौ इस बात का प्रमाण है कि, आपके घर से नकारात्मकता का नाश हो रहा है और शीघ्र ही आपके अटके हुए काम पूरे होने वाले हैं।

लौ का कांपना या अस्थिर होना

कई बार बिना किसी तेज हवा के भी दीपक की लौ कांपने लगती है या एक जगह स्थिर नहीं रहती। शगुन शास्त्र के मुताबिक, कांपती हुई लौ जीवन में आने वाली उथल-पुथल का संकेत देती है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि, वर्तमान में आपका मन अशांत है या आने वाले समय में आपको किसी मानसिक तनाव या अनावश्यक आर्थिक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को अपने ईष्ट देव का ध्यान कर शांति की प्रार्थना करनी चाहिए।

दीपक की लौ का बार-बार बुझना

पूजा के दौरान दीपक का अचानक बुझना अशुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यह इस बात का संकेत है कि, पूजा विधि में कोई कमी रह गई है या आपके घर में कोई भारी वास्तु दोष है। यह देवी-देवताओं की नाराजगी का संकेत भी माना जाता है। यदि ऐसा हो, तो तुरंत हाथ जोड़कर ईश्वर से क्षमा मांगनी चाहिए और दीपक को दोबारा प्रज्वलित कर भक्ति भाव से आरती करनी चाहिए।

दीपक की लौ की दिशा तय करती है आपका भाग्य

उत्तर दिशा: यदि लौ उत्तर की ओर झुक रही है, तो यह धन-संपदा और समृद्धि का संकेत होता है। इसे व्यापार में उन्नति का संकेत भी माना जाता है।

पूर्व दिशा: पूर्व की ओर लौ का मुख होना आयु और स्वास्थ्य के लिए उत्तम है। यह घर के सदस्यों की लंबी उम्र और आरोग्य का प्रतीक है।

दक्षिण दिशा: दक्षिण की ओर लौ का होना हानिदायक माना जाता है। यह किसी अनहोनी या आर्थिक नुकसान की चेतावनी हो सकती है।

पश्चिम दिशा: पश्चिम की ओर लौ का मुख होने से मानसिक क्लेश और पारिवारिक विवाद की संभावना बढ़ती है।

दीपक में 'फूल' का बनना

अक्सर दीपक के जलने के बाद बत्ती के ऊपरी हिस्से पर एक गुलदस्ते या फूल जैसी आकृति बन जाती है। इसे 'दीपक में फूल खिलना' कहा जाता है। माना जाता है कि, यह इस बात का प्रमाण है कि, ईश्वर आपकी सेवा से प्रसन्न हैं और उनकी दिव्य शक्ति उस समय आपके आसपास मौजूद है।

दीपक की लौ केवल अग्नि का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह हमारे और ईश्वर के बीच के संवाद का एक जरिया है। इसकी स्थिति को समझकर हम अपने जीवन की ऊर्जा और भविष्य की आहट को पहचान सकते हैं। भारतीय परंपरा में दीपक की लौ का लहराना या उसकी स्थिति को महज सामान्य घटना नहीं माना जाता, बल्कि इसके पीछे ईश्वर का संकेत छुपा होता है।

{ अस्वीकृति(Disclaimer): यह लेख ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है। हम किसी भी बात की पुष्टि और दावा नहीं करते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप, धार्मिक विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।}