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नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी बोले-जीसीसी नियमावली-2025 से उत्तर प्रदेश बनेगा वैश्विक निवेश और टेक हब

GCC Rules 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंत्रिपरिषद ने जीसीसी नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जीसीसी नियमावली-2025 को मंजूरी देकर हाई-टेक सर्विस सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर खोले हैं।

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नए भारत के नए उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

नए भारत के नए उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Cabinet Clear GCC Rules: देश के ग्रोथ इंजन और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहे उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (Global Capability Center – GCC) नीति-2024’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए GCC नियमावली-2025 को मंजूरी प्रदान की गई। इस फैसले को राज्य के औद्योगिक, तकनीकी और सेवा क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को न केवल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) बल्कि हाई-टेक सर्विसेज और नॉलेज आधारित अर्थव्यवस्था का भी प्रमुख केंद्र बनाया जाए। जीसीसी नीति और उससे जुड़ी नियमावली इसी दिशा में ठोस रोडमैप प्रस्तुत करती है।

इन्वेस्ट यूपी को मिली नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने बताया कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में देशी और विदेशी निवेशक प्रदेश में निवेश के लिए उत्सुक हैं। निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के तहत बेहतर सुविधाएं और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘इन्वेस्ट यूपी’ को GCC नीति के सफल संचालन हेतु नोडल एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्ट यूपी निवेशकों को भूमि आवंटन, स्वीकृतियों, प्रोत्साहनों और नीति संबंधी मार्गदर्शन में सहयोग करेगा, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन सके।

21 बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने शुरू किया निवेश

GCC नीति की घोषणा के बाद से ही उत्तर प्रदेश में निवेश का सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में ही 21 बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने राज्य में  GCC  के तहत अपना निवेश शुरू कर दिया है। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर और शासन प्रणाली वैश्विक निवेशकों का विश्वास जीत रही हैं।

GCC के अंतर्गत ऐसी इकाइयां स्थापित की जाएगी जो भारत या विदेश स्थित अपनी मूल कंपनी के लिए आईटी सेवाएं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजाइन, इंजीनियरिंग, डेटा एनालिटिक्स, फाइनेंस, रिसर्च और अन्य रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेंगी। इससे प्रदेश में उच्च कौशल आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन

GCC नियमावली-2025 में कंपनियों को उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित करने के लिए रियायतों और प्रोत्साहनों की विस्तृत सूची तैयार की गई है। इनमें प्रमुख रूप से-

  • फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी और स्टाम्प ड्यूटी में भारी छूट या प्रतिपूर्ति
  • पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी तथा संचालन व्यय (OPEX) पर विशेष प्रोत्साहन
  • पेरोल और भर्ती सब्सिडी के साथ ईपीएफ (EPF) प्रतिपूर्ति की व्यवस्था
  • प्रतिभा विकास, कौशल उन्नयन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) के लिए नवाचार आधारित प्रोत्साहन

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले ये सभी लाभ केंद्र सरकार की किसी भी योजना के तहत मिलने वाले लाभों के अतिरिक्त होंगे। इससे निवेशकों को दोहरा फायदा मिलेगा और उत्तर प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मकता अन्य राज्यों की तुलना में और मजबूत होगी।

रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

GCC नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह नीति प्रदेश को केवल विनिर्माण तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि हाई-टेक सर्विस सेक्टर में भी अग्रणी बनाएगी। इसके माध्यम से प्रदेश के युवाओं को डेटा एनालिटिक्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, ग्लोबल डिजाइन और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ही उच्च वेतन वाली नौकरियां उपलब्ध होंगी। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में जीसीसी के माध्यम से लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे न केवल युवाओं का पलायन रुकेगा बल्कि प्रदेश की आय और खपत क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था

निवेशकों की सुविधा और विश्वास को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने तकनीकी सहायता समूह (Technical Support Group) के गठन का भी प्रावधान किया है। इसके साथ ही आवेदन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के लिए सुव्यवस्थित और समयबद्ध प्रक्रिया लागू की गई है। इससे निवेशकों को अनावश्यक देरी और जटिलताओं से राहत मिलेगी।

वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में यूपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार का विजन स्पष्ट है,प्रदेश को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत कानून व्यवस्था, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल नीतियों के माध्यम से वैश्विक निवेश का केंद्र बनाना।  GCC  नियमावली-2025 इसी विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है।

कुल मिलाकर, मंत्रिपरिषद द्वारा  GCC नियमावली-2025 को दी गई मंजूरी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। यह निर्णय न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर एक नॉलेज हब और हाई-टेक डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।