
क्या समय पर होंगे चुनाव? Source- Patrika
UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को समय पर कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई नहीं हो सकी। समय की कमी के कारण मामले की सुनवाई टल गई। अब इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है।
याचिका पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) से जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल उनकी पहली बैठक से ठीक पांच साल का होता है। इसे बढ़ाया नहीं जा सकता। कोर्ट ने आयोग से हलफनामे में यह बताने को कहा था कि क्या 15 अप्रैल तक मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद 26 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करना संभव है या नहीं। अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन ने यह जनहित याचिका दायर की है। याचिका में समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग की गई है। बुधवार को समय की कमी के कारण सुनवाई स्थगित हो गई। अब अगले सप्ताह कोर्ट इस मामले पर फिर सुनवाई करेगा।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई 2021 को हुई थी। इसलिए इनका पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संविधान के अनुसार कार्यकाल खत्म होने से पहले ही नई पंचायतों के चुनाव करा लिए जाने चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची प्रकाशन की तारीख कई बार बदली है। पहले यह दिसंबर 2025 में होनी थी, फिर मार्च 2026 कर दी गई और अब नवीनतम अधिसूचना के अनुसार 15 अप्रैल 2026 कर दी गई है। मतदाता सूची फाइनल होने के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के आरक्षण की प्रक्रिया में भी काफी समय लगता है। ऐसे में समय पर चुनाव पूरा होना मुश्किल हो सकता है।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से विस्तृत जवाब मांगा था। कोर्ट ने पूछा था कि क्या आयोग तय समय सीमा के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएगा। कोर्ट ने साफ कहा कि पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता। इसलिए चुनाव समय पर कराना संवैधानिक जरूरत है।
पंचायती राज मंत्री ने पहले ही कहा है कि पंचायत चुनाव 12 जुलाई 2026 से पहले करा लिए जाएंगे। सरकार का दावा है कि चुनाव की तैयारियां चल रही हैं और समय पर या उसके थोड़ा बाद चुनाव हो जाएंगे। लेकिन याचिकाकर्ता का तर्क है कि संवैधानिक समय सीमा का पालन करना जरूरी है।
यह मामला काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंचायत चुनाव ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र की नींव हैं। अगर चुनाव समय पर नहीं हुए तो कई कानूनी और प्रशासनिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। कोर्ट अब आयोग के हलफनामे और विस्तृत कार्यक्रम को देखकर फैसला लेगा। अगली सुनवाई में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। यूपी में लाखों ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के चुनाव प्रभावित हैं।
Updated on:
26 Mar 2026 09:56 am
Published on:
26 Mar 2026 09:54 am
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