
पोखरे से बरामद हुआ युवक का शव
मीरजापुर के चुनार क्षेत्र के एपेक्स आयुर्वेद कॉलेज में 21 सितंबर को डांडिया कार्यक्रम को लेकर छात्रों के बीच झगड़ा हुआ। इस दौरान बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र संस्कार गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सही जांच और इलाज न होने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें वाराणसी के पापुलर अस्पताल लेकर गए, जहां सोमवार सुबह उनका निधन हो गया।
मौत से टूट गया पूरा परिवार
संस्कार के पिता अशोक गुप्ता ने बताया कि उनके बेटे की मौत से उनका परिवार टूट गया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन भी उतना ही दोषी है जितने कि हमला करने वाले छात्र। उनके अनुसार, कॉलेज में इलाज के दौरान संस्कार का उचित इलाज नहीं हुआ। एक जूनियर डॉक्टर ने बिना सीटी स्कैन या एमआरआई जांच किए संस्कार के सिर पर टांके लगा दिए और नार्मल बता दिया।
छात्रों ने लाठी-डंडों से हमला कर घायल किया
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले से ही हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था। झगड़े में शामिल तीन आरोपियों नागेंद्र भाटिया, विशाल पांडेय और तेज प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के दौरान संस्कार और उनके साथी आयुष राज को कालेज के लास्ट ईयर के छात्रों ने लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया था। आयुष राज मौके पर बेहोश हो गया और संस्कार के सिर में गंभीर चोटें आईं।
परिवार ने कहा कि संस्कार अपने नाम के अनुसार ही संस्कारवान, मेधावी और नेकदिल छात्र था। वह बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा था और भविष्य में चिकित्सक बनकर अपने परिवार का सपना पूरा करना चाहता था। संस्कार के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटे के लिए घर की बचत और पुराने कपड़े तक बेचकर उसका एडमिशन कराया था।
Updated on:
06 Oct 2025 08:01 pm
Published on:
06 Oct 2025 08:01 pm
