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मंगेतर के ‘रेड फ्लैग्स’ समझ नहीं पाए केतन के पिता, फोन पर घंटों बात और बार-बार चेतन का जिक्र, हत्या के बाद सामने आए कई संकेत

Lohagad Fort Case: लोहगढ़ किला मर्डर केस में केतन के पिता का दर्द छलका है। उन्होंने कहा है कि सगाई के बाद से ही घंटों फोन पर बिजी रहती थी सिया, केतन ने चेतन का नाम लेकर शक जताया था, लेकिन हम पारिवारिक रिश्तों के चलते समझ नहीं पाए।'
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पुणे

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Imran Ansari

Jun 24, 2026

Lohagad Fort Case

केतन अग्रवाल मर्डर केस। (फोटो सोर्स- @Vishii14)

Ketan Agarwal Red Flags :महाराष्ट्र के लोहगढ़ किला मर्डर केस में हर दिन नए-नए हैरान करने वाले खुलासे हो रहे हैं। दरअसल, ये खुलासे रिश्तों की कड़वाहट और धोखे की पराकाष्ठा को बयां कर रहे हैं। बता दें कि 25 साल के रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में अब उनके पिता विशाल अग्रवाल का एक बड़ा दर्द सामने आया है। पिता ने स्वीकार किया कि सगाई के बाद से ही सिया के व्यवहार में कई ऐसी तब्दीलियां आ रही थीं, जो किसी बड़े खतरे (Red Flags) का इशारा थीं। केतन ने खुद इन बातों को लेकर अपने परिवार के सामने संदेह जताया था, लेकिन पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से पिता उन चेतावनियों को समझ नहीं पाए।

पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद, अब केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कई पुरानी बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि किस तरह केतन को अपनी मंगेतर पर पहले से ही शक होने लगा था।

केतन को पहले ही था मंगेतर पर शक

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि 'फरवरी में सगाई होने के बाद केतन और सिया अक्सर मिलने-जुलने और बाहर जाने लगे थे। इस दौरान कई बार केतन ने सिया के बर्ताव को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। उसने हमसे साफ तौर पर पूछा था कि क्या हमने शादी तय करने से पहले लड़की के बैकग्राउंड की ठीक से जांच-पड़ताल की थी? लेकिन चूंकि उसका परिवार हमारे दूर के रिश्तेदारों के माध्यम से जुड़ा हुआ था, इसलिए मैंने बेटे को यह कहकर आश्वस्त कर दिया कि सब कुछ ठीक है और चिंता की कोई बात नहीं है।'

घंटों फोन पर बिजी रहना और छोटी बातों पर झगड़ा

पिता ने याद करते हुए बताया कि सगाई के बाद दोनों के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होने लगे थे। सिया का अधिकांश समय फोन पर ही बीतता था और वह घंटों किसी से बात करने में व्यस्त रहती थी। केतन ने बातचीत के दौरान कई बार अपने परिवार के सामने 'चेतन चौधरी' नाम के लड़के का जिक्र भी किया था और संदेह जताया था कि सिया और उसके बीच कुछ चल रहा है। विशाल अग्रवाल ने कहा कि सिया की कम उम्र (20 साल) को देखते हुए हमने एक बार शादी को कुछ समय के लिए टालने के बारे में भी सोचा था, लेकिन सिया के माता-पिता ने जल्द शादी करने की जिद की। उनका कहना था कि मेरे बेटे जैसा अच्छा लड़का उन्हें दोबारा नहीं मिलेगा।'

बाली ट्रिप रोकने के लिए मंगेतर ने ही छुपाया था पासपोर्ट

केतन महाराष्ट्र के एक बड़े वेयरहाउस डेवलपर 'सक्सेस ग्रुप' में डायरेक्टर थे। उन्होंने अमेरिका के मैसाचुसेट्स में बैबसन कॉलेज के एफडब्ल्यू ओलिन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से मास्टर डिग्री ली थी और 2023 में ही पुणे लौटकर पारिवारिक बिजनेस संभाला था। पुलिस जांच में एक और बड़ा 'रेड फ्लैग' साफ हुआ है। इसी महीने दोनों परिवार प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए इंडोनेशिया के बाली जाने वाले थे, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर अचानक केतन का पासपोर्ट गायब हो गया और ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी। पुलिस ने जब सिया के फोन की फॉरेंसिक जांच की, तो पता चला कि सिया और चेतन पिछले एक साल से रिश्ते में थे। सिया ने ही जानबूझकर केतन का पासपोर्ट छुपा दिया था ताकि बाली की ट्रिप रद्द हो जाए और वह केतन के साथ बाहर जाने से बच सके।

अनुभवी ट्रेकर होने के बावजूद केतन को 18 जून (सिया के जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले) लोहगढ़ किले की खाई में धकेल दिया गया। पिता को अब मंगेतर के उन सभी 'रेड फ्लैग्स' का अहसास हो रहा है, जिन्हें अगर समय रहते भांप लिया जाता, तो शायद आज केतन जिंदा होते।