
यह है भारत का पहला स्मार्ट गांव- जहां हर घर में शौचालय-हर गली में सीसीटीवी, वाई-फाई भी मुफ्त
रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक ऐसा गांव है जिसे देश का पहला स्मार्ट गांव कहा जा रहा है। यहां सुविधानओं के नाम पर हर वो चीज मौजूद है जो बड़े शहरों में भी शायद देखने को न मिले। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र के क्षेत्र के लालगंज ब्लाक के तौधकपुर गांव की हर गलियों में सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इसके अलावा पूरे गांव में वाई-फाई है, आधुनिक कूड़ाघर बनेे हैं और हर घर में शौचालय बने हैं। यहां बिजली भी 20 घंटे तक रहती है।
ऐसा संभव हो सका है गांव के दो युवकों योगेश साहू और रजनीश वाजपेयी के कारण। अमेरिका के कैलिफोर्निया में दिए गए पीएम नरेंद्र मोदी के एक भाषण ने इन्हें इतना प्रेरित कर दिया कि इन्होंने अपने गांव की पूरी सूरत ही बदल डाली।
शौचालयों की निगरानी को लगे सीसीटीवी
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के तहत तौधकपुर गांव को ओडीएफ घोषित करके विकास कार्य कराए जा रहे हैं। आज इस गांव में हर में शौचालय हैं, जिनका गांव के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। पूरा गांव ओडीएफ है। 3500 की आबादी वाले इस गांव के प्रधान ने जम कर विकास करवाया है जो एक मिसाल है। कुछ ही महीनों में प्रधान ने 242 शौचालय तो बनवाए ही साथ ही उनकी निगरानी के लिए कैमरे भी लगवाए। ग्राम प्रधान कार्तिकेय वाजपेयी कहते हैं कि मेरा गांव स्मार्ट है जो किसी शहर से कम नहीं है। वह कहते हैं कि मेरे गांव में जैसे शौचालय बने हैं, शायद ही शहरों में हों। इस गाँव का कोई भी ग्रामीण खुले में शौच नहीं करता।
कंट्रोल रूम के जरिए रखते हैं नजर
स्वच्छ भारत अभियान को सही दिशा देने के लिए प्रधान ने जगह-जगह बिजली के खंभों पर सीसीटीवी कैमरे व साथ में लगे लाउडस्पीकर पूरे गाँव में लगवा रखे हैं। इससे खुले में शौच जाने वाले लोगों की निगरानी की जा रही है। यही नहीं इस काम की स्वयं प्रधान द्वारा रोजाना सुबह शाम मॉनिटरिंग भी की जाती है। इस काम के लिए प्रधान ने अपने घर पर एक कंट्रोल रूम बना रखा है, जिसमें की प्रतिदिन प्रधान खुले में शौच जाने वालों को देखते हैं और देखते ही लाउडस्पीकर पर उनको खुले में शौच जाने से रोकते हैं। साथ ही इससे होने वाले नुकसान व बीमारियों के विषय से अवगत भी कराते हैं।
अमेरिकी भाई ने दिए टिप्स
ग्राम प्रधान तौधकपुर कार्तिकेय बाजपेई के भाई रजनीश शंकर बाजपेई अमेरिका में रहते हैं। उनके माध्यम से ग्राम प्रधान जागरूक हुए और बतौर ग्राम प्रधान अमेरिका में रहने वाले इनके भाई ने इनको प्रेरित किया। शहरों में रहने वाले लोग अपने बच्चों को निजी और कान्वेंट स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन गांव के गरीब बच्चे अच्छी शिक्षा नहीं ले पाते हैं। इसलिए गांव की शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाई जाए, जिससे की बच्चे जागरूक हो सकें और उनकी शिक्षा का विस्तार हो सके।
बुजुर्गों के लिए लाइब्रेरी
प्रधान ने बताया कि आगे हम गांव में कम्प्यूटर सेन्टर खोलने जा रहे हंै, जिसमें गांव और आसपास के बच्चे नि:शुल्क कम्प्यूटर कोर्स कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि गांव के बुजुर्गों के लिए जल्द ही एक लाइब्रेरी बनेगी। जिसकी रूप रेखा तैयार हो गई है।
एक नजर में
गांव की आबादी -3500
-तौधकपुर गांव में -242 शौचालय
-सरकारी हैण्डपम्प -54
-सीसीटी - 16
-लाउडस्पीकर - 25
एक प्राइमरी स्कूल है, इसमें करीब 108 बालक-बालिकायें पढ़ते हैं। पंचायत घर भी डिजिटल है
Published on:
09 Jul 2018 09:39 pm
