
रायबरेली में कीट नाशक के प्रभाव से तालाब की मछलियां मरी,मजदूर मछली पालन करके चलाता था परिवार
रायबरेली . खीरों लॉक डाउन के प्रभाव से आम जनमानस का जीवन अस्तव्यस्त हो चुका है।कोरोना महामारी में सबसे अधिक प्रभावित होने वाला तबका मजदूर वर्ग है।लगभग 7 महीने की अवधि में विपरीत परिस्थियों में भी ग्रामीण मजदूरों ने जद्दोजहद करते हुए जीवन से संघर्ष जारी रखा। दैवीय आपदा के बीच आपसी वैमनस्यता भी बढ़ती जा रही है।गांव के किनारे तालाब में ब्यावसायिक दृश्टिकोण से मछली पाली गयी थी।जिसमें संदिग्ध स्थिति में बीती रात एक साथ मछलियों के मर जाने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
मजदूर मछली पालन करके चलाता था परिवार
ताजा मामला थाना खीरों के बंगलहन मजरे किशुन खेड़ा का है।जहाँ पर गांव के किनारे तालाब में ब्यावसायिक दृश्टिकोण से मछली पाली गयी थी।जिसमें संदिग्ध स्थिति में बीती रात एक साथ मछलियों के मर जाने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया।बंगलहन निवासी सुमन कुमार ने थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उसी के गांव निवासी बलिराम यादव व बसंते ने आपसी रंजिस के कारण उसके मछलियों के तालाब में रात लगभग 10 बजे कीट नाशक डाल दिया। जिससे दो वर्ष पहले लगभग पांच हजार मछली के बच्चों की डाली गई नर्सरी जो परिपक्व हो चुकी थी, नष्ट हो गई।
पीड़ित ने बताया लगभग पांच कुंतल मछलियां तालाब में मर गई
पीड़ित ने बताया लगभग पांच कुंतल मछलियां तालाब में मर गई है।पीड़ित मजदूरी करके परिवार पालता था।मात्र मछलियों के सहारे ही पूरे परिवार का पूरे साल पोषण होना था।घटना के बाद से पूरे परिवार की हालत खराब है।परिवार पर दैनिक खर्चों के लिए मानो आपदा आ पड़ी हो।उधर पीड़ित के तहरीर देने के बाद भी पुलिस के द्वारा आरोपियों पर कार्यवायी न किए जाने के कारण परिजनों और क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया तहरीर मिली है।जांच के बाद विधिक कार्यवायी की जाएगी।ऐसा कृत्य करने वालों की कत्तई बख्सा नही जाएगा।
Updated on:
05 Oct 2020 11:15 pm
Published on:
05 Oct 2020 07:31 pm
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