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जिसकी हत्या में गए जेल, 10 महीने बाद वह नोएडा में जिंदा मिली

Crime News: पु‌लिस ने बताया कि 16 मई 2022 को गोपीगंज के सीखापुर निवासी श्याम किशोर पांडेय ने बेटी के अपहरण की जानकारी दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच किशोरी नोएडा में जिंदा मिली।

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भदोही में अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। करीब 10 महीने 10 दिन पहले गोपीगंज के सीखापुर में जिस किशोरी को मृत दिखाया गया। वह नोएडा में प्रेमी संग मिली। पुलिस ने हत्या और अपहरण की झूठी साजिश का शनिवार को पर्दाफाश किया। घटना में साक्ष्य छिपाने में किशोरी के माता-पिता को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस नामजद निर्दोष को राहत देने में जुट गई है।

एसपी डॉ. अनिल कुमार ने शनिवार को पुलिस कार्यालय सरपतहां में घटना का खुलासा किया। बताया कि 16 मई 2022 को गोपीगंज के सीखापुर निवासी श्याम किशोर पांडेय ने तहरीर बेटी के लापता होने की तहरीर दी थी। बताया था क‌ि उसकी नाबालिग बेटी शौच के लिए निकली और लौटी नहीं। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। 27 मई 2022 को ऊंज के मोहनपुर सिवान में एक कुएं में एक किशोरी का शव मिला, जिसकी किशोरी के माता-पिता ने अपनी बेटी होने की शिनाख्त की।

पिता ने दर्ज कराई थी अपहरण और हत्या की FIR
परिजनों ने पुरानी रंजिश में विष्णु कहार निवासी कस्तूरीपुर और प्रदीप कुमार निवासी चकमानधाता गोपीगंज के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। कुएं में मिले शव के पहचान में संदेह होने पर डीएनए परीक्षण के लिए लैब गोरखपुर भेजा गया।

संदेह के आधार पर पुलिस को गहनता से जांच के निर्देश दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने तथाकथित मृतका को नोएडा से जीवित बरामद किया है। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह काफी दिनों से अपने मां-बाप के संपर्क में थी।

मां-बाप ने रची थी साजिश
मां-बाप ने बताया कि किसी भी समय पुलिस को जानकारी होगी तो पुलिस को बताना कि आशीष पांडेय, ललित पांडेय, प्रदीप सेठ, डान मालिया, विष्णु कहार, बाबा मिश्रा पर आरोप लगा देना। एसपी ने बताया कि किशोरी के माता-पिता ने साक्ष्य को छिपाते हुए झूठी सूचना लिखाकर नामजद आरोपीगण के खिलाफ फर्जी साक्ष्य दिए। इसमें आजीवन कारावास जैसी सजा हो सकती है। इस कारण आरोपी विष्णु कहार और प्रदीप कुमार को जिला कारागार में जाना पड़ा।