
Agriculture: धान कटाई के साथ अब रबी फसल की तैयारी में जुटे किसान
साल्हेओना । Agriculture: इस बार दो महीने का सावन होने के कारण किसानों ने धान की बोआई - रोपाई करने में सुस्ती दिखाई। इससे कृषि कार्य पिछड गया और धान पकने में देरी हुआ। बरमकेला क्षेत्र के क ई गांव में धान पकने में पंद्रह दिन का समय लगेगा।
वही जिन किसानों के फसल तैयार हो चुके हैं धान कटवाने में व्यस्त है और बोर पंप चलाकर रबि फसल की बोआई करने के लिए खेतों की जोताई आरंभ कर दिया है। बरमकेला ब्लॉक क्षेत्र में पिछले दो दशक से रबि फसल में धान फसल की खेती हो रही है और इसका भरपूर उत्पादन पाने के लिए किसानों ने परंपरागत विधियों से कृषि कार्य को नहीं छोड़ रहे हैं। रबि फसल के लिए हजार दस, सिल्की, एचएमटी, साठिया जैसे किस्म की बोनी की जाएगी। जो 80 से 90 दिनों में फसल पूर्णत: तैयार हो जाता है। धान फसल में अत्यधिक पानी की दोहन होने के बाद भी किसान इसकी तैयारी में लग गए हैं।
नहीं दिखा रहे दूसरे फसल पर रुचि
बीज निगम बरमकेला में धान के बदले दूसरे फसल को प्रोत्साहित करने के लिए गेंहू, सरसों, मूंग, उडद के बीज उपलब्ध है। किंतु इन बीजों के प्रति किसानों का रुझान नहीं है और केवल धान की बोआई की तैयारी में लगे हुए हैं। सूखे फसल के बीजों के लिए बीज निगम अमले को खरीदार किसान आने का इंतजार करना पड रहा है।
किसान मुफ्त में भी नहीं ले रहे बीज
इस बार शासन कृषि विभाग के माध्यम से मसूर की बीज नि:शुल्क बांट रहा है। लेकिन किसान इस फसल को लगाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। जबकि दस दिन पहले कृषि विभाग बरमकेला में 5 क्विंटल मसूर बीज डंप पडा़ हुआ है। गेहूं की तरह अथवा उतेरा फसल की तरह लगाया जा सकता हैं। किंतु किसान हैं कि केवल धान फसल पर विशेष रुचि दिखा रहे हैं।
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क में मसूर का बीज दिया जाना है । लेकिन इस फसल को लगाने के लिए किसान सामने नहीं आ रहे हैं। दूसरी फसल के बीज में भी सब्सिडी है। - बसंत नायक, एसएडीओ, कृषि विभाग, बरमकेला
Published on:
25 Nov 2023 04:37 pm
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