
कंपनी प्रबंधन ने निजी अस्पताल में कराया भर्ती
रायगढ़. चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के कोतरलिया में स्थापित इंड एग्रो के किलन में बिती रात एक हादसा हो गया। जिसमें 5 मजदूर झूलस गए। कंपनी प्रबंधन ने झूलसे मजदूरों को इलाज के लिए मेकाहरा की बजाए एक निजी अस्पताल में भर्ती कर दिया। वहीं इस मामले की जानकारी पुलिस को नहंी दी। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर चक्रधर नगर पुलिस को इस मामले की जानकारी होने की बात कही जा रही है। झूलसे मजदूरों की हालत में सुधार है। जिकी वजह से उन्हें दोपहर बाद कभी भी अस्पताल से छुट्टी देने की बात कही जा रही है।
कोतरलिया स्थित इंड एग्रो में उस समय अफरा तफरी की स्थिति हो गई। जब किलन के करीब काम कर रहे 5 मजदूर झूलस गया। जिसके बाद वहां काम कर रहे अन्य मजदूरों के बीच हडकंप मच गया। आनन-फानन में मामले की जानकारी कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बजाए रास्ते के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका उपचार जारी है।
हलांकि किलन के करीब यह घटना कैसे हुई, इसके पीछे क्या वजह है। इस बात की जानकारी फिल्हाल नहीं मिल है। सबसे खास बात तो यह है कि देर रात हुई इस घटना के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से चक्रधर नगर पुलिस को सूचना नहीं देने की बात कही जा रही है। चक्रधर नगर पुलिस की माने तो उन्हें बुधवार की सुबह अस्पताल प्रबंधन से इस बात की जानकारी मिली है। जिसके बाद झूलसे मजदूरों का बयान लेकर उचित पहल करने की बात कही जा रही है।
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रमजान में जेल से भागा, 4 साल बाद रमजान में पकड़ाया, 2 माह बाद अब रेलवे स्टेशन से भागा
रायगढ़। जिला जेल से 4 साल पहले रमजान के दिन भागने वाले आरोपी को इस वर्ष के रमजान में कोतवाली पुलिस ने बड़ी मुश्किल से पकड़ा था। दुष्कर्म व जेल से भागने के आरोप में पकड़ा गया आरोपी एक बार फिर रेलवे स्टेशन पर बिलासपुर पुलिस के जवानों को चकमा देकर भाग गया। जिसे वो बिलासपुर कोर्ट से रायगढ़ कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया थे। ट्रेन आते देख आरोपी अपनी हथकड़ी को सरका कर जवानों के आंखों के सामने रेल पटरी पार कर भाग गया। घटना के करीब 10 घंटे बाद बिलासपुर पुलिस के उक्त आरक्षक ने बंदी के पुलिस कस्टडी से भागने की शिकायत लेकर जीआरपी पहुंचा। जहां जुर्म दर्ज करने की कवायद की गई। विदित हो कि बिलासपुर पुलिस के दो जवान, दो बंदी को पेशी के लिए रायगढ़ कोर्ट लेकर आई थी।
रायगढ़ जिला जेल से भागने के आरोप में बिलासपुर कोर्ट से रायगढ़ पेशी में आया एक बंदी पुलिस के जवानों को चमका देकर उनकी आंखों के सामने रेलवे स्टेशन से भाग गया। जिसका अपराध रायगढ़ जीआरपी में दर्ज किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर पुलिस को चमका देकर भागने वाला आरोपी हारुन रसीद उर्फ भोलू पिता मो. रमजान, शहर के सिद्धी विनायक कॉलोनी इंदिरा नगर के रहने वाला है।
जिसे 4 साल पहले दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस ने जेल दाखिल किया था। कुछ दिन जेल में रहने के बाद रमजान के समय बंदी हारुन, जेल प्रहरी को चकमा देकर भागने में सफल रहा। कई साल तक उसकी खोज बीन हुई। पर कोई सफलता नहीं मिली। पर वर्ष 2018 में ारमजान के दिन उसके घर आने की जानकारी मिली। जिसमें पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा।
बिलासपुर कोर्ट में शिफ्ट किए गए बंदी हारुन को बुधवार को रायगढ़ जेल से भागने के मामले में पेशी थी। पेशी के बाद जब उसे बिलासपुर पुलिस के दो आरक्षक ट्रेन से बिलासपुर ले जाने की तैयारी में थे। ट्रेन के प्लेटफार्म पर प्रवेश के दौरान बड़ी ही चालाकी से अपने हाथ में लगी हथकड़ी को सरका कर हारुन रेल पटरी पार कर मौदहापारा के करीब भाग गया।
जीआरपी को 10 घंटे बाद सूचना
खास बात तो यह है कि बंदी हारुन के भागने के बाद दो आरक्षकों में एक ने उसका पीछा भी किया। पर जब वो नहीं मिला तो बिलासपुर पुलिस के जवानों ने इस मामले की सूचना रायगढ़ जीआरपी व आरपीएफ को नहीं दी। वहीं व्यक्तिगत संबंधों वाले व्यक्तियों को फोन के जरिए खंगालते रहे। देर रात करीब 11.30 बजे बिलासपुर पुलिस के जवान, बंदी के पुलिस कस्टडी से भागने की सूचना दी। जिसपर जुर्म दर्ज किया गया।
रायगढ़ जेल से भागा, तब भेजा गया बिलासपुर
सूत्रों की माने तो रमजान के बहाने जिला जेल रायगढ़ से भागे आरोपी हारुन उर्फ भोला को बड़ी मुश्किल से पकड़ा गया था। वहीं जेल से भाग चुके हारुन को रायगढ़ में नहीं रखने का फैसला किया। वहीं उसके जेल से भागने की घटना को ध्यान में रखते हुए उसे बिलासपुर जेल में शिफ्ट किया गया। जहां बुधवार को उसे रायगढ़ कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था।
Published on:
12 Sept 2018 07:45 pm
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