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चक्रधर समारोह की दूसरी शाम में कलाकारों ने बिखेरा जलवा, लखनऊ घराने का तराना और ठुमरी से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

Chakradhar Ceremony: चक्रधर समारोह के दूसरे दिन न्यायधानी बिलासपुर से आई कथक नृत्यांगना प्रियंका सलूजा ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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लखनऊ घराने का तराना और ठुमरी से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक (Photo source- Patrika)

लखनऊ घराने का तराना और ठुमरी से मंत्रमुग्ध हुए दर्शक (Photo source- Patrika)

चक्रधर समारोह की दूसरी शाम स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया। स्थानीय कलाकारों का उत्साह वर्धन दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ दिया। दूसरी शाम की पहली प्रस्तुति रायगढ़ की कथक नृत्यांगना पूजा जैन और उनकी टीम की रही। इस टीम ने मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत पंचदेव वंदना से हुई। इसके बाद उन्होंने जयपुर घराने के तोड़े-टुकड़े, लखनऊ घराने का तराना और ठुमरी प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

छत्तीसगढ़ की पहली ओडिसी नृत्यांगना बनीं…

ताल और लय की सुंदर संगति के साथ मंच पर सजीव हुई उनकी प्रस्तुतियों ने दर्शक दीर्घा में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजा दी। पूजा जैन के साथ मंच पर उनकी टीम में शामिल सौम्या साहू, पाव्या श्रीवास्तव, आसिता वर्मा और वंशिका पात्रा भी शामिल रहीं, जिन्होंने अपने सधे हुए भाव और नृत्य कौशल से प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बना दिया।

पूजा जैन न केवल रायगढ़ ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का परचम लहराया है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय नृत्य प्रतिभा पुरस्कार 2020, नृत्याविष्कार पुरस्कार 2020, राष्ट्रीय एकल नृत्य प्रतियोगिता 2020 में प्रथम स्थान हासिल किया। साथ ही अखिल भारतीय नृत्य नाटक एवं संगीत समारोह 2020 में प्रथम स्थान जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा भी उन्होंने अनेक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

वहीं इसके बाद समारोह की दूसरी प्रस्तुति में ओडिसी नृत्य की अनुपम छटा बिखरी। रायगढ़ की प्रतिभाशाली नृत्यांगना राजनंदनी पटनायक ने अपनी साथी पूनम गुप्ता के साथ मिलकर ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। दर्शकदीर्घा में बैठे श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया और उत्साहवर्धन किया। राजनंदनी पटनायक ने मात्र तीन वर्ष की उम्र से ओडिसी नृत्य का प्रशिक्षण प्रारंभ की अपनी लगन और साधना के बल पर उन्होंने अनेक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। वे वर्ष 2019-20 में सीसीआरटी स्कॉलरशिप प्राप्त करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली ओडिसी नृत्यांगना बनीं।

स्थानीय संस्कृति की बिखेरेंगी छटा

समारोह की तीसरी शाम 29 अगस्त को विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएगी। इस दिन संस्कृत गायन एवं मंचन, श्री गणेश स्तुति, कथक, नृत्य-नाटिका, भरतनाट्यम, तबला वादन और छत्तीसगढ़ी लोकगीत की सुंदर प्रस्तुतियाँ दर्शकों को देखने को मिलेंगी। समारोह में पुसौर की गीतिका वैष्णव संस्कृत गायन एवं मंचन के माध्यम से दर्शकों को भाव-विभोर करेंगी। इसके बाद भवप्रीता डांस एकेडमी, रायगढ़ की दिव्या साकेत पाण्डेय गणेश स्तुति यशकीर्ति पर अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगी।

इसी तरह कार्यक्रम में रायपुर की राधिका शर्मा कथक नृत्य प्रस्तुत करेंगी, जबलपुर मध्यप्रदेश से आए संस्कार भारती महाकौशल प्रांत के कमलेश यादव नृत्य नाटिका की प्रस्तुति देंगे। पुणे की अंजली शर्मा अपनी कथक प्रस्तुति से मंच को सजाएँगी। बेंगलोर की गुरू बाला विश्वनाथ भरतनाट्यम की भावपूर्ण प्रस्तुति देंगी। वहीं पं.योगेश शम्सी तबला वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कार्यक्रम में धमतरी की आरू साहू छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की प्रस्तुति देकर स्थानीय संस्कृति की छटा बिखेरेंगी। ग्रुप के साथ कथक की प्रस्तुति देती रायगढ़ की पूजा जैन।

नृत्यांगना प्रियंका ने दी मन मोहक प्रस्तुति

चक्रधर समारोह के दूसरे दिन न्यायधानी बिलासपुर से आई कथक नृत्यांगना प्रियंका सलूजा ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके नृत्य की भाव-भंगिमाएँ, लय-ताल की सटीकता और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में उपस्थित हर व्यक्ति का मन मोह लिया। उनके द्वारा सर्वप्रथम गाइए गणपति जग वंदन गीत पर आधारित भगवान गणेश को समर्पित प्रस्तुति दी गई। प्रियंका सलूजा ने कथक की पारंपरिक शैली में अपनी नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसमें शास्त्रीयता और नवीनता का सुंदर संगम देखने को मिला। दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से उनका भारी उत्साहवर्धन किया।