12 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगी बाइक खरीदने भांजा ने दो नाबालिग दोस्तों के साथ मिलकर किया मामा का अपहरण, ऐसे पकड़ाए आरोपी

- किशोर के पिता से मांगने वाले थे तीन लाख की फिरौती, नहीं हुए कामयाब

3 min read
Google source verification
महंगी बाइक खरीदने भांजा ने दो नाबालिग दोस्तों के साथ मिलकर किया मामा का अपहरण, ऐसे पकड़ाए आरोपी

तीन महंगी बाइक खरीदने भांजा ने दो नाबालिग दोस्तों के साथ मिलकर किया मामा का अपहरण, ऐसे पकड़ाए आरोपी

रायगढ. जूटमिल क्षेत्र के तीन साथी दीपावली में तीन महंगी बाइक खरीदना चाह रहे थे। ऐसे में भांजा ने प्लान बनाया कि वह दोस्तों के साथ मिलकर अपने 10 वर्षीय सगे मामा का अपहरण करेगा और उन्होंने अपहरण भी किया, लेकिन इस बीच अपहृत किशोर ने अपने भांजा को पहचान लिया और उनका प्लान ठप हो गया, वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड में भेज दिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मिमुड़ा निवासी आकाश राज उर्फ सोनू लहरे 18 वर्ष व एफआई गोदाम के पास रहने वाले दो नाबालिग लड़कों के बीच गहरी दोस्ती है। वे शुरू से ही महंगी बाइक चलाने, शानो-शौकत से रहने की सोच में रहते हैं। कुछ दिन पहले से वे तीनों प्लान बनाने रहे थे कि इस दीपावली तीनों नई महंगी वाली बाइक खरीदेंगे। दिन बीतते गए और वे तरह-तरह के प्लान बनाने लगे।

Read More : आचार संहिता के लगते ही प्रशासन की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर शुरू किया ये काम, पढि़ए पूरी खबर...

इस बीच आकाश ने अपने नाबालिग दोस्तों के साथ जिक्र किया कि वे तीनों मिलकर आकाश के सगे 10 वर्षीय मामा जो कि अपने माता-पिता के साथ मिमुड़ा में रहकर ड्रीम इंडिया स्कूल में कक्षा चौथीं में पढ़ता है उसका अपहरण करेंगे। वहीं आकाश के नाना से फिरौती मांगेंगे। आकाश ने अपने दोस्तों को बताया कि उसका नाना हाल ही में कोल इंडिया से रिटायर्ड हुआ है उसके पास बहुत पैसा है। यह बात सभी को ठीक लगी और वे तीनों प्लान बनाने लगे। फिर प्लान के तहत बालक का अपहरण भी कर लिया। जब बालक ने अपने मामा को पहचान लिया तो उसे वहीं छोड़कर भाग गए। घटना की सूचना पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड में भेज दिया है।

पहले ढूंढी जगह, फिर किया अपहरण
आठ अगस्त की शाम में आकाश व उसके दोनों नाबालिग दोस्त जगह ढूंढने निकले कि आखिर बालक का अपहरण करके उसे कहां रखेंगे। इस बीच उन्होंने कई जगह देखे, लेकिन उन्हें पसंद नहीं आया, क्योंकि मामला रिस्की था। तभी वे दर्रामुड़ा स्थित सीमेंट फैक्ट्री गए, जोकि बंद है। वहां पर कई टूटे-फूटे मकान हैं। यह जगह उन्हें पसंद आई। इसके बाद आकाश ने अपने दोस्तों से कहा कि जाओ मेरे मामा का अपहरण करके यहां लेकर आना, मैं जाऊंगा तो वह मुझे पहचान लेगा। इसके बाद आकाश वहीं रूक गया और उसके दोस्त उसके मामा को लेने पहुंच गए।

ट्यूशन से उठाया बालक को
आकाश को पता था कि उसका मामा हर दिन घर से कुछ दूर स्थित एक मैडम के यहां ट्यूशन पढऩे जाता है। ऐसे में उसके दोस्त 08 अगस्त की रात्रि 7 बजे उक्त मैडम के घर पहुंच गए। इसके बाद बालक से कहा कि तुम्हारे माता-पिता बाइपास चर्च के पास हैं, तुम्हें लेने आए हैं। तब बालक मैडम से छुट्टी लेकर उनके साथ चल दिया। फिर वे बालक को लेकर दर्रामुड़ा सीमेंट फैक्ट्री पहुंच गए और उसे वहीं बिठा दिया। इसके बाद वे बालक से कहने लगे कि तुम्हारे पिता का मोबाइल नंबर दो हम उससे तीन लाख रुपए मांगेंगे। अगर वह रुपए नहीं देगा तो तुम्हें मार कर फेंक देंगे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान आकाश रात के अंधेरे का फायदा उठाकर छिप-छिप कर रह रहा था, लेकिन अपहृत बालक ने अपने भांजा को पहचान लिया था। इस बात का आभाष जब आकाश को हुआ तो बालक को वहीं छोड़कर भाग गए।

राहगीर ने दी बालक के पिता को सूचना
घटना के बाद बालक सीमेंट फैक्ट्री से बाहर निकल कर मेन रोड में आ गया और वहां खड़ा होकर रो रहा था। रात्रि करीब 9.30 बजे जब एक राहगीर ने उसे देखा तो उससे पूछताछ किया। इसके बाद बालक ने घटना के बारे में बताया। फिर उक्त राहगीर ने उसके पिता के नंबर पर फोन करके घटना के बारे में बताया। फिर बालक का पिता उसे लेने आया। घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर रिमांड में भेज दिया है।