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Child Marriage Act: फेरे लेने से पहले पहुंची महिला विकास विभाग की टीम, एक दिन में रुकवाए तीन बाल विवाह

CG Crime: इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी शहर में ही लोग बाल विवाह कर रहे हैं।

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Child marriage act in chhattisgarh

Chhattisgarh Crime: विगत शुक्रवार को शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन जगह नाबालिगों की शादी कराई जा रही थी। इसकी सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन व पुलिस की मदद से तीनों शादियों को रोकवाई गई। विभाग द्वारा हमेशा लोगों को जगरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जाता है। इसके बाद भी शहर के अंदर ही बाल विवाह का मामला सामने आ रहा है। ऐसे में दूर-दराज के गांव जानकारी नहीं मिलने से कई अभी बाल विवाह होने की संभावना भी जताई जा रही है। इसको लेकर अब विभाग पूरी तैयारी के साथ चारों तरफ सूत्र फैला रहे हैं, ताकि कहीं भी बाल विवाह हो तो उनको जानकारी मिल सके और संबंधितों पर कार्रवाई करते हुए बाल विवाह प्रथा को रोका जा सके।

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कांटा हरदी में चल रही थी शादी

शहर के कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्राम कांटा हरदी में नाबालिग भतीजे का विवाह खरसिया थाना क्षेत्र के नवागांव बसनाझर की किशोरी से 26 अप्रैल को होना था। इसके लिए तीन दिन पहले से ही जोर-शोर से तैयारी चल रही थी। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे महिला एवं बाल विकास विभाग को जानकारी मिलने पर चाइल्ड लाइन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच कर संबंधित की उम्र की जांच की गई तो वह 21 साल से कम पाया गया, जिससे टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए उक्त शादी को रोकवाया गया। साथ ही विभाग द्वारा जिस किशोरी से शादी हो रही थी। उसके परिजनों को भी सूचना देते हुए समझाईश दी गई कि बाल विवाह कराना कानून अपराध है। ऐसे में अगर शादी कराई जाती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी, तब जाकर दोनों पक्ष शादी करने से इंकार किया।

आईटीआई कालोनी में भी रोकी गई शादी

चाइल्ड लाईन से मिली जानकारी के अनुसार चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के आईटीआई कालोनी में भी 26 अप्रैल को बाल विवाह हो रहा था। जिसकी सूचना दोपहर करीब दो बजे विभाग को मिली तो संबंधित अधिकारियों ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर पूछताछ शुरू किया तो पहले परिजनों ने बाल विवाह के बात से मुकरने लगे, लेकिन अधिकारियों द्वारा जब बालक-बालिका के उम्र की जांच पड़ताल किया तो पता चला कि दोनों का उम्र विवाह योग्य नहीं था, जिससे कार्रवाई करते हुए शादी को रोकवाई गई। वहीं पालकों का कहना था कि काफी रुपए खर्च कर शादी कर रहे थे। ऐसे में उनको नुकसान का भी सामना करना पड़ा है। साथ ही विभाग द्वारा परिजनों सहित आसपास के लोगों को भी बाल विवाह के दुष्परिणाम से अवगत कराया गया, ताकि भविष्य में कोई बाल विवाह न करें।

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बापूनगर में हो रही थी बालिका की शादी

शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाबूनगर मोहल्ले में शुक्रवार को एक किशोरी की शादी चल रही थी। जिसकी सूचना मिलते ही टीम के मौके पर पहुंच कर बालिका की उम्र की जांच किया तो पता चला कि उक्त किशोरी 18 वर्ष से कम है, जिस पर टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए शादी रोकवाई गई। इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, इसके बाद भी शहर में ही लोग बाल विवाह कर रहे हैं। जिसको देखते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार जांच पड़ताल किया जा रहा है, साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। ताकि बाल विवाह रूक सके।

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