
डीएफओ चेंबर में हंगामा मामले में इनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत, एसडीओ ने लगाए ये आरोप
रायगढ़. 24 सितंबर की रात वन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान बाधा पहुंचाने का मामला चक्रधर नगर थाना पहुंच चुका है। वन विभाग के एसडीओ की लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आवेदन में जगतरामका के खिलाफ शिकायत की गई है। जिन्होंने देर रात शासकीय कार्य में बाधा डालने की पहल की। वन विभाग के अधिकारी द्वारा की गई शिकायत में सीसी कैमरे का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें यह पूरी घटना कैद हुई है। ऐसे में, चक्रधर नगर पुलिस घटना स्थल पर मौजूद दोनों पक्षों का बयान लेकर मामले की जांच व जरुरत के हिसाब से अपराध दर्ज करने की बात कह रही है। जिसकी वजह से उक्त मामले से जुड़े लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
वन विभाग नेे 24 सितंबर को शहर के तीन पूजा समग्री व जड़ी-बूटी दुकानों पर वन्य प्राणियों के अवशेष वाले सामान की बिक्री मामले में कार्रवाई की थी। तीनों दुकान के संचालक अविनाश अग्रवाल, संजय अग्रवाल व श्रीसंत अग्रवाल को वन मंडल कार्यालय लाने के साथ ही उनके खिलाफ अलग-अलग पीओआर दर्ज किया गया था, पर इस बीच शहर के कुछ व्यवसायी वर्ग द्वारा वन विभाग की इस कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज की। वहीं कार्यालय में पहुंच कर दस्तावेज को फाड़ कर जमकर हंगामा किया गया। जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई। रायगढ़ के प्रभारी डीएफओ कृष्णा जाधव ने इस बात की पुष्टि की। उसके बाद इस मामले में बकायदा एक आवेदन चक्रधर नगर थाना में दिया गया है।
एसडीओ एनआर खंूटे द्वारा दिए गए आवेदन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जगतरामका द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने की पहल की गई है। जिससे शहर के ३ दुकानों पर की गई कार्रवाई पर पीओआर दर्ज करने व प्रतिवेदन बनाने में काफी दिक्कत हुई। एसडीओ खंूटे की इस शिकायत के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। क्योकि इस घटना ने शहर में काफी सुर्खियां बटोरी थी। जिसके बाद यह कहा जा रहा था कि दोनों पक्षों के बीच आपस में बातचीत हो गई है। अब कोई शिकवा व शिकायत नहीं है। पर शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में एसडीओ द्वारा लिखित शिकायत के बाद सभी तैयारी, धरी की धरी रही रह गई।
डीएफओ ने पहले ही दिए थे संकेत
वन मंडल कार्यालय में हंगामा कर शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में प्रभारी डीएफओ जाधव शुरु से ही उचित कार्रवाई के पक्ष में थे। घटना की रात उन्होंने सीएसपी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी थी। वहीं अधिनस्थ अधिकारी को इस मामले में अपराध दर्ज कराने की पहल कर आदेश भी दिया था। जिसकी वजह से सुलह जैसी कोई संभावना बन नहीं पाई।
Published on:
30 Sept 2018 04:13 pm
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