
रायगढ़. लैलूंगा की किशोरी को नौकरी का झांंसा देकर दिल्ली में बेचने वाले युवक व युवती के खिलाफ लैलंूगा पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है। पुलिस की मानें तो क्षेत्र मेंं उक्त आरोपियों की पहचान बंंंटी व बबली के रुप में हैं, जो भोले-भाले ग्रामीण व उनके बच्चों को झांसा देकर मानव तस्करी का काम करते हैं। अपराध दर्ज कराने के दौरान पीडि़त परिवार के साथ चाइल्ड लाइन की टीम भी लैलंूगा थाने में मौजूद थी।
लैलंूगा पुलिस ने गुरुवार को मानव तस्करी व अपहरण की धाराओं के तहत एक अपराध दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार मामला थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां कि एक नाबालिग को नौकरी का झांसा देकर पड़ोसी गांव के युवक व युवती दिल्ली ले गए। जहांं प्लेसमेंट एजेंसी को सुपुर्द करने के बाद एक मोटी रकम लेकर लौट आए। जैसे-तैसे पीडि़ता वहांं से भाग कर मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस को दी। जिसके बाद केंद्र व राज्य की महिला बाल विकास विभाग की टीम ने इस मामले में दखल दी। वहीं किशोरी को रायगढ़ लाने की पहल की गई।
किशोरी को बाल कल्याण समिति में पेश करने के दौरान उसने दो लोगों को नाम लिया। जिसे उसे दिल्ली के प्लेसमेंट एजेंसी मेंं पहुंंचाने में अहम भूमिक निभाई। इसमें एक युवती भी है। पुलिस की मानें तो उक्त युवक व युवती को क्षेत्र मे बंटी व बबली की जोड़ी का नाम भी दिया जाता है, जिनका मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी व अन्य कार्य है। पीडि़ता द्वारा जब इस मामले का अपराध लैलंूगा थाने में दर्ज कराया जा रहा था। उस समय चाइल्ड लाइन की टीम भी थाने में पीडि़त परिवार के साथ थी।
जागरुकता का है अभाव
मानव तस्करी को लेकर रायगढ़़ पुलिस व महिला बाल विकास विभाग द्वारा समय-समय पर जागरुकता के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। उसके बावजूद ग्रामीण स्तर पर लोगों के बीच जागरुकता की अलख नहीं जग पा रही है। जिसकी वजह से लैलंूगा जैसी घटनाएं आए दिन सुर्खियों में रहती है।
Published on:
17 May 2018 09:55 pm
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