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मच्छरों से निपटने नहीं किया गया दवा का छिड़काव तो इस वर्ष फिर डेंगू की चपेट में होगा शहर

वार्डों में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है इससे निपटने दवा छिड़काव का आदेश तो जारी कर दिया गया है, लेकिन इसका ईमानदारी से पालन नहीं हो रहा है।

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मच्छरों से निपटने नहीं किया गया दवा का छिड़काव तो इस वर्ष फिर डेंगू की चपेट में होगा शहर

मच्छरों से निपटने नहीं किया गया दवा का छिड़काव तो इस वर्ष फिर डेंगू की चपेट में होगा शहर

रायगढ़. पिछले साल जिस प्रकार शहर डेंगू की चपेट में था, अब इस साल भी निगम की लापरवाही के कारण ऐसे ही आसार इस बार भी दिख रहे हैं। इसके पीछे कारण यह है कि बारिश शुरू होने के साथ ही शहर के वार्डों में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है इससे निपटने के लिए दवा छिड़काव का आदेश तो जारी कर दिया गया है, लेकिन इसका ईमानदारी से पालन नहीं हो रहा है। ये हम नहीं बकायदा निगम की सरकार में शामिल दो एमआईसी सदस्य कह रहे हैं। इसमें एक एमआईसी सदस्य पूर्व स्वच्छता प्रभारी हैं। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि कागजों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है।

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पिछले साल शहर डेंगू की चपेट में था। शहर में डेंगू की शुरुआत सब्जी मंडी से हुई थी और अधिकांश क्षेत्रों में फैल गया था, वहीं इस बीमारी से करीब एक सौ से अधिक लोग पीडि़त भी हुए। इस बात को देखते हुए शहर में पिछले साल ही डेंगू की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया गया। वहीं विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया। इसके बाद बीमारी बड़ी मुश्किल से काबू में आ सकी। वहीं इस बार इस बीमारी को पनपने से पहले ही रोकने के लिए नगर निगम ने कार्य योजना बनाई है। इसमें प्रत्येक सोमवार को लिक्विड दवा का छिड़काव पूरे शहर में किया जाना है। वही प्रत्येक गुरुवार को पावडर दवा का छिड़काव किया जाना है।

नगर निगम आयुक्त ने छुट्टी में जाने से पहले ही इसका आदेश जारी कर दिया था। लिक्विड व पावडर दवा की खरीदी भी की जा चुकी, लेकिन सारे संसाधन और दवा का स्टाक होने के बाद भी इसमें लापरवाही की जा रही है। स्थिति यह है कि कहीं कागजों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है तो कहीं दवा छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। इस बात की शिकायत नगर निगम में मेयर इन कौसिंल के दो सदस्यों ने की है।

इसमें एक सदस्य लता साहू हैं जे पूर्व स्वच्छता प्रभारी हैं और मौजूदा समय में आवास विभाग का दायित्व संभाल रहे हैं। लता साहू की माने तो यह आदेश करीब २० दिन पहले निकला था। ऐसे में अब तक दोनों दवा का छिड़काव करीब छह बार हो जाना था, लेकिन एक बार ही लिक्विड का छिड़काव वार्ड में किया गया। यह दवा का छिड़काव भी आधे से कम क्षेत्र में किया गया। इसके बाद दवा का छिड़काव अब तक नहीं हो सका। इस तरह दूसरे एमआईसी सदस्य लक्ष्मीन मिरी ने भी शिकायत की है। उनका कहना था है कि लिक्विड दवा का छिड़काव कुछ क्षेत्रों में ही किया जा रहा है।

अन्य वार्डों में भी अव्यवस्था
खास बात यह है कि दवा छिड़काव के नाम पर खानापूर्र्ति एमआईसी सदस्यों के वार्ड में किया जा रहा है। इस बात की दोनों सदस्यों के द्वारा शिकायत भी की गई है। ऐसे में अन्य वार्डों में दवा छिड़काव के नाम पर किस तरह से लापरवाही बरती जा रही होगी इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। निगम कर्मचारियों की इस लापरवाही पर यह माना भी जा रहा है कि आने वाले समय में फिर से डेंगू लोगों की अपनी चपेट में लेगा।

कम दवा का दे रहे हवाला
कुछ क्षेत्रों में इस बात की शिकायत भी आई कि वार्ड के अनुसार एक लीटर ही लिक्विड दिया जा रहा है, जो वार्ड के कुछ क्षेत्रों में छिड़काव किए जाने के बाद खत्म हो जा रहा है। इस बात की जानकारी वार्ड के संबंधित सफाई दरोगा को दी गई, लेकिन दरोगा के द्वारा दवा की मात्रा बढ़ाने के लिए किसी प्रकार से प्रयास नहीं किया गया। इससे भी अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो रही है।